जैन संस्कार विधि से दीपावली पूजन कार्यशाला का सफल आयोजन
जैन संस्कार विधि बने जन-जन की विधि…
अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के तत्वावधान में तेरापंथ युवक परिषद, चेंबूर द्वारा सोमवार, दिनांक 2 नवंबर 2026 को तेरापंथ सभा भवन, चेंबूर में जैन संस्कार विधि से दीपावली पूजन कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ साध्वीश्री डॉ. योगक्षेमप्रभाजी द्वारा नमस्कार महामंत्र के मंगल उच्चारण के साथ हुआ। तत्पश्चात मंगल भावना यंत्र की स्थापना, मंगल भावना एवं लोगस्स पाठ सहित विभिन्न मंगल मंत्रों के सामूहिक उच्चारण के साथ विधि-विधानपूर्वक दीपावली पूजन संपन्न करवाया गया।
कार्यशाला में उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं को जैन संस्कार विधि के माध्यम से दीपावली एवं बहीखाता पूजन की महत्ता, विधि-विधान, आवश्यक सामग्री तथा विभिन्न धार्मिक परंपराओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

संस्कारकों ने मंत्रोच्चार एवं पूजन की प्रत्येक प्रक्रिया को सरलता से समझाते हुए जैन संस्कार विधि को अपने घरों एवं प्रतिष्ठानों में अपनाने की प्रेरणा दी। सभी उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।
इस अवसर पर तेरापंथी सभा, मुंबई के मंत्री श्री गौतमजी डांगी की विशेष उपस्थिति रही। उन्होंने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि दीपावली पूजन में जहां लक्ष्मी की आराधना की जाती है, वहीं जैन संस्कार विधि के संस्कारक मानो सरस्वती के स्वरूप में ज्ञान एवं संस्कारों का प्रकाश फैलाते हैं।
उन्होंने सभी उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं को जैन संस्कार विधि से दीपावली पूजन करने की प्रेरणा प्रदान की।
तेरापंथ युवक परिषद, चेंबूर के मंत्री श्री कपिलजी मेहता ने अपने वक्तव्य में कहा कि जैन संस्कार विधि जन-जन की विधि है। यह हिंसा से अहिंसा की ओर अग्रसर होने का एक सुंदर माध्यम है। उन्होंने संस्कारकों के अथक परिश्रम एवं सभी उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं के सहयोग के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में तेरापंथ सभा अध्यक्ष श्री लक्ष्मणजी कोठारी, तेरापंथ युवक परिषद अध्यक्ष श्री हिमांशुजी गन्ना, कोषाध्यक्ष श्री राहुलजी डांगी, सहमंत्री श्री मुकेशजी डूंगरवाल, महिला मंडल अध्यक्षा श्रीमती ममताजी कच्छारा एवं मंत्री श्रीमती पायलजी मंडोत की गरिमामयी उपस्थिति रही।
साथ ही सभा के कार्यसमिति सदस्य, तेयुप के साथीगण एवं चेंबूर तेरापंथ समाज के श्रावक-श्राविकाओं की सहभागिता सराहनीय रही। मीडिया प्रभारी निलेशजी राठौड़ भी उपस्थित रहे।
कार्यशाला को सफल एवं सुव्यवस्थित बनाने में जैन संस्कारक श्री पवनजी बाफना, श्री किरणजी परमार एवं श्री मुकेशजी माद्रेचा का अथक श्रम एवं अतुलनीय योगदान रहा।

अंत में साध्वीश्री निर्वाणश्रीजी के मंगल पाठ के साथ कार्यशाला का समापन हुआ।
आइए, हम सभी अपने त्योहारों को धर्म, संस्कार एवं आध्यात्मिकता के साथ मनाने का संकल्प लें और जैन संस्कार विधि को जन-जन तक पहुंचाने में सहभागी बनें।

