जयपुर के इतिहास में पहली बार गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) का हुआ कॉन्क्लेव 

जयपुर के इतिहास में पहली बार गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) का हुआ कॉन्क्लेव 

जयपुर के इतिहास में पहली बार गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) का हुआ कॉन्क्लेव 

जयपुर (अशोक लोढ़ा) :जयपुर के इतिहास में पहली बार ‘गैर-सरकारी संगठन’ (एनजीओ) का कॉन्क्लेव हुआ। जिसका उद्देश्य ग्रास रूट ‘गैर-सरकारी संगठन‘ (एनजीओ) को एक मंच उपलब्ध करवाना था।जिसमें अनेको ‘गैर-सरकारी (एनजीओ) ने भाग लिया।

‘गैर-सरकारी (एनजीओ) की समस्याओं और समाधान पर चर्चा की गई। पैनल डिस्कशन किए गए जिसमें विद्वजनों ने अपने विचार ही व्यक्त नहीं किए वरन मार्गदर्शन भी किया। किस प्रकार डॉक्यूमेंट्स बनाए जाएं। डोनर्स को किस प्रकार एप्रोच किया जाए। किस प्रकार सहयोग और सहकार्यता से दो या अधिक ‘गैर-सरकारी संगठन’

(एनजीओ) समाज के उत्थान के लिए काम कर सकते हैं। साथ ही ‘गैर-सरकारी संगठन‘ (एनजीओ) किस प्रकार लीगल और वित्तीय मामलों को डील करें बताया गया।

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कॉनक्लेव का आयोजन प्रसंग वशिष्ठ चेरिटेबल ट्रस्ट, ऑनर टिल फाउंडेशन और नोवा टेरा फेडरेशन और इनके हेल्थ पार्टनर सी के बिरला हॉस्पिटल के सहयोग से संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि रिटायर्ड जस्टिस जे के राका साहिब थे और गेस्ट ऑफ ऑनर डॉ अमला बत्रा ने कॉन्क्लेव के उद्देश्य की प्रशंसा की।

प्रसंग वशिष्ठ चेरिटेबल ट्रस्ट की मैनेजिंग ट्रस्टी रेणु वशिष्ठ ने दिए सदी के महा संदेश सत्य से प्रेम, प्रेम से कर्म करें के पोस्टर का विमोचन भी कॉनक्लेव में हुआ।

जयपुर के इतिहास में पहली बार गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) का हुआ कॉन्क्लेव 

डॉ. गीता पारीक संस्थापक ऑनर टिल फाउंडेशन ने, ईमानदारी का गल्ला और मुझे भी कुछ कहना है प्रोजेक्ट्स के बारे में अपने विचार व्यक्त किए। नोवा टेरा फेडरेशन की डायरेक्टर मयूरी जोशी ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। सत्यमेव जयते के उदघोष के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।

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