पद्म विभूषण पंडवानी गायिका तीजन बाई का निधन, कला जगत में शोक की लहर
रायपुर। पद्म विभूषण से सम्मानित देश की प्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई का रविवार को निधन हो गया। वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थीं और अस्पताल में उपचाराधीन थीं। उनके निधन की खबर सामने आते ही कला एवं सांस्कृतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
तीजन बाई ने पंडवानी गायन के माध्यम से महाभारत की कथाओं को देश और विदेश तक पहुंचाया। बचपन में उन्हें अपने नाना से महाभारत सुनने की प्रेरणा मिली थी। महज 13 वर्ष की उम्र में उन्होंने पहली बार सार्वजनिक मंच पर प्रस्तुति दी और अपनी विशिष्ट गायन शैली से अलग पहचान बनाई।
उन्होंने अपने लंबे कला जीवन में देश-विदेश में अनेक प्रस्तुतियां देकर भारतीय लोक संस्कृति का गौरव बढ़ाया। पंडवानी कला को नई पहचान दिलाने में उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा।
भारतीय लोककला के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण सहित कई प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किए गए थे।
तीजन बाई के निधन पर विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों के साथ-साथ कला जगत की कई हस्तियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उनके निधन को भारतीय लोककला के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।


