बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिलाओं की किडनी खराब होने के मामले में चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बयान को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। गुरुवार को पीबीएम अस्पताल पहुंचे चिकित्सा मंत्री ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि प्रभावित महिलाओं की स्वास्थ्य स्थिति पहले से सामान्य नहीं थी।
मीडिया द्वारा यह पूछे जाने पर कि सभी महिलाओं की तबीयत डिलीवरी के दो से तीन घंटे बाद बिगड़ी, मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि मरीज पहले से बीमार थीं। इस दौरान उन्होंने मेडिकल कॉलेज प्रशासन से भी उनकी पूर्व स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी मांगी। मंत्री ने डॉक्टरों का बचाव करते हुए कहा कि चिकित्सक प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीजों का सफल इलाज करते हैं और केवल कुछ मामलों के आधार पर पूरे चिकित्सा तंत्र पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
इस बीच चिकित्सा मंत्री के दौरे के दौरान पीबीएम अस्पताल परिसर के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारी अस्पताल परिसर की ओर बढ़ने लगे।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बल प्रयोग किया। इस दौरान यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष भंवर कूकना समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। आरोप है कि पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की तथा झड़प की स्थिति बनी, जिसमें कुछ कार्यकर्ता घायल भी हुए।
महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी अस्पताल परिसर में प्रवेश करने का प्रयास किया, लेकिन महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान हुई धक्का-मुक्की में कई महिला कार्यकर्ता सड़क पर गिर गईं। बाद में पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया।
उधर, किडनी खराब होने के मामले की जांच जारी है। चिकित्सा विभाग और विशेषज्ञों की टीम पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है, जबकि प्रभावित महिलाओं का उपचार अस्पताल में जारी है। मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी बहस तेज हो गई है।
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