केंद्र ने दिए एनएच-347बी की 233 किमी सड़कें के लिए 4,415.60 करोड़ रुपये

केंद्र ने दिए एनएच-347बी की 233 किमी सड़कें के लिए 4,415.60 करोड़ रुपये

केंद्र ने दिए एनएच-347बी की 233 किमी सड़कें के लिए 4,415.60 करोड़ रुपये

इंदौर : निमाड़-अंचल के सड़क ढांचे को मजबूती देने वाली के लिए केंद्र की आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने एनएच-347बी के दो प्रमुख खंडों के उन्नयन को मंजूरी दी है।

हिवारखेड़ी‑रोशनी‑आशापुर‑रुधी (125.01 किमी) में मौजूदा मध्यवर्ती लेन को पक्की शोल्डर मानक वाली टू‑लेन में अपग्रेड करने और देशगांव‑जुलवानिया (108.643 किमी) खंड को फोर‑लेन में चौड़ा करने का निर्णय लिया गया है। दोनों खंडों के उन्नयन पर कुल मिलाकर लगभग 4,415.60 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी।

यह परियोजना बेतूल, खंडवा, खरगोन और बड़वानी जिलों में लंबे समय से व्याप्त खामियों और तिरछे मोड़ों से उत्पन्न ट्रैफिक समस्या से निजात दिलाएगी।

खासकर खरगोन जिले के लिए प्रस्तावित 16.20 किलोमीटर के विस्तारित ग्रीनफील्ड बाईपास का उद्देश्य भारी वाहनों को शहर के भीतर से हटाकर आवागमन को सुगम बनाना और यात्रा‑समय में कटौती लाना है। इससे सड़क सुरक्षा में सुधार और ईंधन व परिचालन लागत में बचत होने की संभावना जताई जा रही है।

डिग्गी में डूबने से 18 वर्षीय युवक ने गवाईं जान, परिवार में छाया मातम

विधायक और जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. विजय कुंवर शाह, केंद्र सरकार का आभार मनाते हुए उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे की परियोजनाएँ निमाड़‑अंचल के सामाजिक-आर्थिक विकास को नई दिशा देंगी। उनके अनुसार यह परियोजना स्थानीय व क्षेत्रीय बाजारों, औद्योगिक केंद्रों और लॉजिस्टिक्स हब के बीच बहु‑मोडल एकीकरण को भी प्रोत्साहित करेगी।

नया कॉरिडोर छह प्रमुख आर्थिक केंद्रों, कई सामाजिक नोड्स और महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक्स केंद्रों को जोड़ेगा, जिससे माल और यात्रियों की आवाजाही तेज होगी और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। व्यापारी व किसान प्रतिनिधियों का अनुमान है कि बेहतर सड़कों से मंडी तक पहुँच सस्ती और तेज होगी, जिससे ताजे उत्पादों का हानि‑दर घटेगा और परिवहन‑लागत कम होगा।

केंद्र की मंजूरी के बाद अब परियोजना के तकनीकी और वित्तीय अनुबंधों की प्रकिया, भूमि‑अधिग्रहण और पर्यावरणीय अनुमोदन जैसी औपचारिकताएँ पूरी की जाएंगी।

केंद्र ने दिए एनएच-347बी की 233 किमी सड़कें के लिए 4,415.60 करोड़ रुपये

हाइब्रिड वार्षिक मोड के तहत ठेकेदार चयन और कार्ययोजना के अंतिम रूप देने के बाद ही मुख्य निर्माण कार्य शुरू होंगे। अधिकारी मानते हैं कि यदि कार्य समय पर पूरा हुआ तो आने वाले कुछ वर्षों में यह कॉरिडोर निमाड़‑अंचल के परिवहन ढांचे और आर्थिक परिदृश्य दोनों में स्पष्ट बदलाव ला सकेगा।

केंद्र ने दिए एनएच-347बी की 233 किमी सड़कें के लिए 4,415.60 करोड़ रुपये

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

होम
ब्रेकिंग
E-Paper
मेनू
वेरिफिकेशन
संपर्क करें