बीकानेर में वीबी-जी राम-जी योजना अंतर्गत ब्लॉक संसाधन व्यक्तियों का 2 दिवसीय संभाग स्तरीय आवासीय प्रशिक्षण सम्पन्न
प्रशिक्षण में सामाजिक अंकेक्षण, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के नवाचारों पर हुआ गहन मंथन
सामाजिक लेखा परीक्षा, जवाबदेही एवं पारदर्शिता सोसायटी, जयपुर तथा राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (NIRDPR), हैदराबाद के संयुक्त तत्वावधान एवं जिला परिषद बीकानेर के सहयोग से वीबी-जी राम-जी योजना अंतर्गत ब्लॉक संसाधन व्यक्तियों (BRP) के लिए आयोजित दो दिवसीय संभाग स्तरीय आवासीय प्रशिक्षण का गुरुवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ।
हरिश्चंद्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान (HCM RIPA), बीकानेर में आयोजित इस प्रशिक्षण में संभाग के विभिन्न जिलों से आए ब्लॉक संसाधन व्यक्तियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य वीबी-जी राम-जी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रिया, पारदर्शिता, जवाबदेही तथा जनभागीदारी को मजबूत बनाना था।
प्रशिक्षण के द्वितीय दिवस पर सामाजिक अंकेक्षण के विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्य प्रशिक्षक एवं मास्टर ट्रेनर नन्दलाल शर्मा ने सामाजिक अंकेक्षण की अवधारणा, नैतिकता, जोखिम प्रबंधन, पारदर्शिता के सिद्धांत, जनसुनवाई की भूमिका तथा ग्रामीण विकास कार्यक्रमों में जवाबदेही सुनिश्चित करने के उपायों पर विस्तार से जानकारी प्रदान की।
उन्होंने प्रतिभागियों को व्यवहारिक उदाहरणों एवं केस स्टडी के माध्यम से सामाजिक अंकेक्षण की चुनौतियों एवं समाधान से भी अवगत कराया।
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वहीं शासन सचिवालय, जयपुर से पधारे मुख्य प्रशिक्षक नरेंद्र जोशी ने योजना के क्रियान्वयन, निगरानी तंत्र, अभिलेख परीक्षण, शिकायत निवारण प्रणाली तथा ग्राम स्तर पर पारदर्शी कार्यप्रणाली विकसित करने के संबंध में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।
उन्होंने बताया कि सामाजिक अंकेक्षण केवल एक प्रक्रिया नहीं बल्कि सुशासन की आधारशिला है, जो ग्रामीण विकास कार्यक्रमों में जनता के विश्वास को मजबूत बनाती है।
प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी एवं रोचक बनाने के लिए विभिन्न सहभागितापूर्ण गतिविधियों एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतिभागियों ने समूह चर्चा, प्रश्नोत्तरी, समस्या समाधान गतिविधियों, अनुभव साझा सत्रों तथा व्यवहारिक अभ्यासों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। विशेष रूप से आयोजित “गुब्बारा प्रतियोगिता” प्रतिभागियों के आकर्षण का केंद्र रही।
इस गतिविधि के माध्यम से टीम वर्क, समन्वय, संचार कौशल, सामूहिक उत्तरदायित्व एवं लक्ष्य प्राप्ति में सहयोग की महत्ता को सहज एवं मनोरंजक तरीके से समझाया गया। प्रतिभागियों ने इसे प्रशिक्षण की सबसे प्रेरणादायक गतिविधियों में से एक बताया।
दोनों दिवसों के दौरान आयोजित विभिन्न ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताओं एवं सहभागितापूर्ण अभ्यासों में प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। प्रशिक्षण में उपस्थित प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस प्रकार के व्यवहारिक एवं गतिविधि आधारित प्रशिक्षण से विषय की समझ अधिक गहरी एवं प्रभावी बनती है।
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समापन सत्र में प्रतिभागियों से प्रशिक्षण संबंधी विस्तृत फीडबैक प्राप्त किया गया। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण की विषयवस्तु, प्रशिक्षण पद्धति, संसाधन व्यक्तियों के मार्गदर्शन, आवासीय व्यवस्था एवं समग्र प्रबंधन की सराहना करते हुए इसे अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया। प्राप्त सुझावों एवं फीडबैक का उपयोग भविष्य के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने में किया जाएगा।
अंत में सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाओं सहित उनके कार्यक्षेत्रों के लिए रवाना किया गया। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों एवं प्रशिक्षकों का सामूहिक समूह छायाचित्र (ग्रुप फोटो) भी लिया गया।

प्रशिक्षण के सफल आयोजन पर आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों, प्रशिक्षकों एवं सहयोगी कार्मिकों का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि यह प्रशिक्षण ग्रामीण विकास कार्यक्रमों में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं जनभागीदारी को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


