दक्षिण मुंबई में ‘नवग्रह समधानम्’ कार्यशाला का आयोजन, मंत्रों से ग्रह संतुलन की दी जानकारी

दक्षिण मुंबई में ‘नवग्रह समधानम्’ कार्यशाला का आयोजन, मंत्रों से ग्रह संतुलन की दी जानकारी

दक्षिण मुंबई में ‘नवग्रह समधानम्’ कार्यशाला का आयोजन, मंत्रों से ग्रह संतुलन की दी जानकारी

मुंबई:कालबादेवी में, शासनश्री साध्वीश्री कंचनप्रभाजी, शासनश्री साध्वीश्री मंजुरेखाजी एवं सहवर्ती साधविवृंद के सान्निध्य में तथा तेरापंथ समाज दक्षिण मुंबई की सभी संस्थाओं के तत्वावधान में ‘नवग्रह समधानम् – नवग्रह का रहस्य, मंत्रों में समाधान’ — कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसके मुख्य वक्ता श्री दिलीप जी सरावगी रहें।

दक्षिण मुंबई सभा के अध्यक्ष देवेन्द्र डागलिया ने मुख्य वक्ता भाई दिलीप जी सरावगी का हार्दिक स्वागत किया तथा इतनी सुंदर व्यवस्थित कार्यशाला की प्रस्तुति के लिए हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त की।

शासनश्री साध्वीश्री कंचनप्रभाजी ने कहा — कि हर व्यक्ति अपने शुभ-अशुभ कर्म लेकर आता है, मगर जिन्होंने अध्यात्म साधना से ग्रह विज्ञान को समझा, वे व्यक्ति अपनी अनुकूलता से उच्च गतियों में प्रस्थान करते हैं।

शासनश्री साध्वीश्री मंजुरेखाजी ने कहा — कि सभी ग्रहों का हमारे जीवन पर प्रभाव रहता है। ग्रहों का संतुलन सामाजिक और पारिवारिक जीवनशैली को आनंदमय व सुखमय रखता है।

कई ग्रह बिगड़ते रिश्तों में जान भर देते हैं, मगर उन ग्रहों को साधने के लिए अनुकूल मंत्रों की आवश्यकता रहती है। विशिष्ट मंत्रों का स्वाध्याय करने से सारे ग्रह अनुकूल रहते हैं। सूर्य, चंद्र, मंगल, शनि, गुरु आदि ग्रह जीवन में उत्साह भरते हैं।

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आचार्य महाप्रज्ञ विद्यानिधि फाउंडेशन के अध्यक्ष कुंदनमल धाकड़, कार्याध्यक्ष गणपत डागलिया, तेयुप दक्षिण मुंबई अध्यक्ष सुमित सुराणा, दक्षिण मुंबई महिला मंडल अध्यक्षा लतिका डागलिया, उपाध्यक्षा पुष्पा कच्छारा, अणुव्रत समिति दक्षिण मुंबई संयोजक नरेंद्र मुनोत, दक्षिण मुंबई सभा के उपाध्यक्ष दिनेश धाकड़ आदि कई सभा-संस्थाओं के पदाधिकारीगण की गरिमामयी उपस्थिति रहीं।

साध्वी श्री उदितप्रभाजी, साध्वी श्री निर्भयप्रभाजी तथा साध्वी श्री चेलनाश्रीजी भी उपस्थित रहीं।

कार्यशाला में उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं एवं समाज के सदस्यों ने पूरे उत्साह और एकाग्रता के साथ ग्रह विज्ञान तथा मंत्रों के माध्यम से ग्रहों को संतुलित करने से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं।

पूरे कार्यक्रम का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा, ज्ञान और श्रद्धा से ओतप्रोत रहा। मुख्य वक्ता की प्रभावशाली एवं सरल प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह को विशेष रूप से आकर्षित किया।

दक्षिण मुंबई में ‘नवग्रह समधानम्’ कार्यशाला का आयोजन, मंत्रों से ग्रह संतुलन की दी जानकारी

श्री दिलीप जी सरावगी ने विस्तार से ग्रह विज्ञान समझाया और बताया कि किन-किन मंत्रों के द्वारा हम ग्रहों को संतुलित कर सकते हैं। उन्होंने अत्यंत सुंदर प्रस्तुति दी। यह जानकारी सभा के मीडिया प्रभारी नितेश धाकड़ एवं दर्शन डागलिया ने दी।

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