जैन संस्कार विधि से संपन्न हुआ मासखमण तप का तप संपूर्ति एवं पारणा कार्यक्रम

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श्रीडूंगरगढ़:अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् के निर्देशित जैन संस्कार विधि के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में आज प्रातः 11 बजे श्री बिनोद जी छाजेड़, सुपुत्र स्व. श्री कुंदनमल जी छाजेड़, की मासखमण (29) तपस्या की तप संपूर्ति एवं पारणा तेरापंथ युवक परिषद् श्रीडूंगरगढ़ द्वारा जैन संस्कार विधि से विधिवत संपन्न करवाई गई।

जैन संस्कार विधि से संपन्न हुआ मासखमण तप का तप संपूर्ति एवं पारणा कार्यक्रम

साध्वी श्री लक्ष्यप्रभाजी एवं परिवारजनों की प्रेरणा से श्री बिनोद जी छाजेड़ ने तप के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए मासखमण जैसी कठिन तपस्या पूर्ण की। उनकी इस तपस्या के प्रति उपस्थित सभी ने श्रद्धा एवं अनुमोदना व्यक्त की।

कार्यक्रम का शुभारंभ नमस्कार महामंत्र के मंगल उच्चारण से हुआ। संस्कारक श्री प्रदीप पुगलिया, श्री प्रमोद बोथरा, श्री चमन श्रीमाल एवं श्री पीयूष बोथरा ने मंगल मंत्रोच्चार एवं जैन संस्कार विधि के अनुरूप विधि-विधानपूर्वक तप संपूर्ति एवं पारणा संस्कार संपन्न करवाया।

जैन संस्कार विधि से संपन्न हुआ मासखमण तप का तप संपूर्ति एवं पारणा कार्यक्रम

इस अवसर पर तेरापंथ युवक परिषद् श्रीडूंगरगढ़ के अध्यक्ष श्री विक्रम मालू ने उपस्थित सभी का स्वागत करते हुए तपस्वी श्री बिनोद जी छाजेड़ के प्रति हार्दिक अनुमोदना व्यक्त की। उन्होंने परिवारजनों द्वारा तपस्वी को आध्यात्मिक क्षेत्र में आगे बढ़ने हेतु निरंतर प्रेरणा देने के लिए साधुवाद दिया।

श्री विक्रम जी मालू ने उपस्थित परिवारजनों को जैन संस्कार विधि की महत्ता से अवगत करवाते हुए जीवन के विभिन्न शुभ अवसरों को जैन संस्कार विधि से संपन्न करवाने तथा अधिक से अधिक लोगों को इस संस्कारमय परंपरा से जोड़ने का आह्वान किया।

जैन संस्कार विधि से संपन्न हुआ मासखमण तप का तप संपूर्ति एवं पारणा कार्यक्रम

तपस्वी श्री बिनोद जी छाजेड़ ने अपनी तपस्या की संपूर्ति के अवसर पर आजीवन पान मसाला सेवन का त्याग करने का संकल्प लिया।

साथ ही दीपक जी छाजेड़ ने 1साल तक कोल्ड्रिंक और उपस्थित परिवारजनों ने भी अपनी-अपनी धारणा के अनुसार विभिन्न त्याग स्वीकार किए, जिससे कार्यक्रम का आध्यात्मिक एवं संस्कारमय वातावरण और अधिक प्रेरणादायी बन गया।

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सुमित बरडिया ने गीतिका द्वारा अनुमोदना की एवं 1साल तक पैटीज खाने का त्याग लिया अंत में साध्वी श्री लक्ष्यप्रभाजी द्वारा मंगल पाठ का श्रवण करवाया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धा, तप, त्याग एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण बना रहा।

जैन संस्कार विधि से संपन्न हुआ मासखमण तप का तप संपूर्ति एवं पारणा कार्यक्रम

तेरापंथ युवक परिषद् श्रीडूंगरगढ़ द्वारा जैन संस्कार विधि के माध्यम से समाज में तप, त्याग, संस्कार एवं आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

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