दक्षिण मुंबई में साध्वीवृंद के प्रेरणादायी प्रवचन के साथ 9 उपवास तपस्वी दिव्या रोनक धाकड़ की तपस्या का अनुमोदन
महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल में आचार्यश्री महाश्रमणजी की प्रबुद्ध सुशिष्या साध्वीश्री कंचनप्रभाजी एवं शासनश्री साध्वीश्री मंजुरेखाजी के सान्निध्य में साध्वीश्री कंचनप्रभाजी ने चतुर्दशी के उपलक्ष्य में संविधान की व्याख्या करते हुए कहा कि हाजरी या मर्यादा परिवार, समाज तथा व्यक्तिगत जीवन के लिए भी आवश्यक है। संस्कृति की सुरक्षा में मर्यादित जीवन शैली ही निर्माण का सशक्त रास्ता हो सकती है।

साध्वीश्री मंजुरेखाजी ने कहा, उपभोक्तावादी परिवेश हर मांग में मिल रहा है, मगर जिसके पास संस्कार हैं, वे वहां से अच्छी बातें ही खरीदकर मर्यादा का मूल्य बता सकते हैं।
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साध्वीवृंद ने 9 उपवास तपस्वी दिव्या रोनक धाकड़ को एक गीत से बधाई दी तथा धाकड़ परिवार की ओर से दिव्या की गीत के द्वारा बधाई के साथ अनुमोदना की गई।
कार्यक्रम के दौरान आचार्य महाप्रज्ञ विद्यानिधि फाउंडेशन के कार्याध्यक्ष गणपत डागलिया, दक्षिण मुंबई सभा उपाध्यक्ष दिनेश धाकड़, पारिवारिक जनों एवं दक्षिण मुंबई महिला मंडल द्वारा तपस्या की अनुमोदना की गई।

कार्यक्रम का संचालन तेयुप दक्षिण मुंबई अध्यक्ष सुमीत सुराणा ने किया। समाचार प्रेषक दर्शन डागलिया।

