स्वच्छ भारत मिशन के नए नियमों के तहत अब दो की जगह चार श्रेणियों में होगा ठोस अपशिष्ट का पृथक्करण

स्वच्छ भारत मिशन के नए नियमों के तहत अब दो की जगह चार श्रेणियों में होगा ठोस अपशिष्ट का पृथक्करण

स्वच्छ भारत मिशन के नए नियमों के तहत अब दो की जगह चार श्रेणियों में होगा ठोस अपशिष्ट का पृथक्करण

ज़िला परिषद सीईओ शैलजा पांडे ने की विभिन्न विभागों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक, दिए आवश्यक निर्देश

बीकानेर (श्रेयांस बैद):जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी शैलजा पांडे की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में कृषि, खनिज, महिला एवं बाल विकास, महिला अधिकारिता, परिवहन, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, खेल, आरएसएलडीसी, राजीविका, श्रम, पशुपालन, उद्योग, आर्थिक एवं सांख्यिकी, रसद तथा उच्च शिक्षा सहित विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में राजीविका के जिला परियोजना प्रबंधक दिनेश कुमार मिश्रा ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत भारत सरकार द्वारा अप्रैल 2026 से लागू किए गए नए नियमों की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि अब ठोस अपशिष्ट का पृथक्करण केवल गीले और सूखे कचरे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे चार श्रेणियों—गीला कचरा, सूखा कचरा, सैनिटरी वेस्ट (डायपर, सैनिटरी पैड आदि) तथा स्पेशल केयर वेस्ट (अवधि पार दवाइयां, कीटनाशक की बोतलें, सीएफएल बल्ब, पेंट के डिब्बे एवं अन्य विशेष अपशिष्ट) में विभाजित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि नए नियमों के अनुसार 20 हजार वर्गफीट या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले संस्थान, प्रतिदिन 40 हजार लीटर से अधिक पानी का उपयोग करने वाले प्रतिष्ठान अथवा प्रतिदिन 100 किलोग्राम या उससे अधिक ठोस अपशिष्ट उत्पन्न करने वाले संस्थानों को संबंधित ग्राम पंचायत या नगरीय निकाय के माध्यम से केंद्रीकृत ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा।

यह नियम अब सरकारी एवं निजी दोनों संस्थानों पर समान रूप से लागू होंगे, जबकि पूर्व में इनका दायरा मुख्यतः सार्वजनिक क्षेत्रों तक सीमित था।

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बैठक में कृषि विभाग के सहायक निदेशक मुकेश गहलोत ने बताया कि सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत ‘ड्रॉप मोर क्रॉप’ कार्यक्रम में ड्रिप, मिनी फव्वारा एवं फव्वारा प्रणाली के लिए प्राप्त 8,739 हेक्टेयर लक्ष्य के विरुद्ध 8,233 हेक्टेयर क्षेत्र में कार्य पूर्ण किया जा चुका है।

योजना के तहत 2,121.66 लाख रुपये के वित्तीय लक्ष्य के मुकाबले 938.44 लाख रुपये की प्रगति अर्जित की गई है। इस पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने निर्देश दिए कि सूक्ष्म सिंचाई योजना के अंतर्गत शत-प्रतिशत पुनः भौतिक सत्यापन के बाद ही लंबित देनदारियों का भुगतान विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए योजना संबंधी दिशा-निर्देश प्राप्त हो चुके हैं तथा लक्ष्य आवंटन के बाद किसानों को लाभान्वित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

बैठक के दौरान सीईओ श्रीमती पांडे ने खनिज विभाग को राजस्व लक्ष्य प्राप्त करने, परिवहन विभाग को पुलिस के साथ समन्वय कर सीट बेल्ट एवं हेलमेट संबंधी चालान बढ़ाने, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को मुख्यमंत्री कन्यादान योजना का व्यापक लाभ दिलाने, राजीविका को एग्री न्यूट्री गार्डन की संख्या बढ़ाने, एलडीएम को मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना एवं शिक्षा ऋण के अधिकाधिक प्रकरण स्वीकृत करवाने के निर्देश दिए।

स्वच्छ भारत मिशन के नए नियमों के तहत अब दो की जगह चार श्रेणियों में होगा ठोस अपशिष्ट का पृथक्करण

उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग को नोखा एवं छत्तरगढ़ में निर्माणाधीन राजकीय महाविद्यालयों के कार्यों में गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने, रसद विभाग को आयुर्वेद विभाग की योजनाओं से लाभान्वितों की संख्या बढ़ाने तथा महिला अधिकारिता विभाग को महिला सुरक्षा सलाह केंद्र एवं सखी वन स्टॉप सेंटर का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए।बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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