ब्रिक्स सतत जीवनशैली सप्ताह के तहत पौधारोपण एवं कार्यशाला आयोजित
अधिकारियों-कर्मचारियों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प, दो नवंबर को ऊर्जा संरक्षण के लिए चलेगा जागरूकता अभियान
बीकानेर (श्रेयांस बैद): राज्य सरकार के निर्देशानुसार एक से 7 नवंबर तक आयोजित किए जा रहे ब्रिक्स सतत जीवनशैली सप्ताह के तहत बीकानेर विकास प्राधिकरण द्वारा पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत एवं सतत जीवनशैली को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
आयुक्त स्नेहल धायगुड़े नाना की अगुवाई में रविवार को प्राधिकरण परिसर में पौधारोपण, सामूहिक प्रतिज्ञा एवं स्वस्थ जीवनशैली विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई।

प्राधिकरण सचिव हेमेंद्र नागर ने बताया कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पर्यावरण संरक्षण और सतत जीवनशैली अपनाने की सामूहिक प्रतिज्ञा ली। इसके साथ ही परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
उन्होंने बताया कि इस अवसर पर स्वस्थ जीवनशैली विषय पर कार्यशाला भी आयोजित की गई। इसमें अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई तथा स्वस्थ जीवनशैली, पर्यावरण संरक्षण और दैनिक जीवन में सकारात्मक बदलाव अपनाने के संबंध में विचार साझा किए।
कार्यशाला में अनावश्यक संसाधनों के उपयोग को कम करने, ऊर्जा की बचत करने, अधिकाधिक पौधारोपण करने तथा पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने पर विशेष जोर दिया गया।
मिशन लाइफ के तहत ज़िले में ब्रिक्स सस्टेनेबल लाइफस्टाइल वीक का शुभारंभ
दो नवंबर को ऊर्जा संरक्षण के लिए विशेष जागरूकता अभियान
नागर ने बताया कि ब्रिक्स सतत जीवनशैली सप्ताह के तहत सोमवार को ऊर्जा संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान आयोजित किया जाएगा। इसके तहत प्राधिकरण द्वारा आमजन से दैनिक जीवन में अनावश्यक विद्युत उपयोग से बचने तथा ऊर्जा संरक्षण को अपनी जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाने की अपील की जाएगी।
इसी क्रम में समस्त राजकीय कार्यालयों से प्रातः 9:30 से 10:30 बजे तक अनावश्यक विद्युत उपकरण एवं लाइट बंद रखने का आग्रह किया गया है, ताकि ऊर्जा संरक्षण का संदेश व्यापक स्तर पर आमजन तक पहुंचाया जा सके।

उन्होंने बताया कि आयुक्त के निर्देशानुसार पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत, पौधारोपण एवं सतत जीवनशैली को लेकर सप्ताहभर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। आमजन की सक्रिय भागीदारी से छोटे-छोटे प्रयासों के माध्यम से स्वच्छ, स्वस्थ एवं पर्यावरण अनुकूल भविष्य का निर्माण किया जा सकता है।

