प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की समीक्षा बैठक आयोजित
प्रभारी अधिकारी एवं संयुक्त सचिव, श्रम विभाग, भारत सरकार आशुतोष ए.टी. पेडणेकर ने त्वरित प्रगति के दिए निर्देश
कृषि विज्ञान केंद्र, केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान, राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र व राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र का किया निरीक्षण
बीकानेर (श्रेयांस बैद): प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की समीक्षा बैठक गुरुवार को आत्मा सभागार, कृषि भवन में प्रभारी अधिकारी एवं संयुक्त सचिव, श्रम विभाग, भारत सरकार आशुतोष ए.टी. पेडणेकर की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
सहायक निदेशक, उद्यान विभाग मुकेश गहलोत ने बताया कि विगत वर्ष बीकानेर जिले का चयन प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत किया गया है। कम फसल उत्पादकता, मध्यम फसल सघनता एवं कम ऋण उपलब्धता के आधार पर देश में चयनित 100 जिलों में बीकानेर को भी शामिल किया गया है।

बैठक में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत 11 विभागों की 36 योजनाओं की समीक्षा की गई। योजनाओं की प्रगति 73 आउटपुट इंडिकेटर एवं 46 आउटकम इंडिकेटर के आधार पर परखी गई।
प्रभारी अधिकारी एवं संयुक्त सचिव, श्रम विभाग, भारत सरकार आशुतोष ए.टी. पेडणेकर ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने माहवार लक्ष्य निर्धारित करते हुए उनके अनुरूप त्वरित गति से कार्य करने को कहा।
इस दौरान प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना से संबंधित कृषि, उद्यान, पशुपालन, सहकारिता, डेयरी, ग्रामीण विकास एवं लीड बैंक सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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इसके पश्चात प्रभारी अधिकारी एवं संयुक्त सचिव, श्रम विभाग, भारत सरकार आशुतोष ए.टी. पेडणेकर ने प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत कृषि समृद्धि एवं विकास में सहायक भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान से संबंधित विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण किया।
उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र, केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान, राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र एवं राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र का निरीक्षण किया।
इस दौरान विभिन्न संस्थानों के प्रभारी अधिकारियों से कृषि एवं कृषक कल्याण से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रभारी अधिकारी एवं अब संयुक्त सचिव आशुतोष ए.टी. पेडणेकर ने संस्थानों को निर्देश दिए कि किसान की समृद्धि, खुशहाली एवं विकास को ध्यान में रखते हुए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
उन्होंने कहा कि संस्थानों द्वारा किए जा रहे अनुसंधान के परिणाम कृषि विस्तार के माध्यम से धरातल पर दिखाई देने चाहिए।

भ्रमण के दौरान सहायक निदेशक, उद्यान विभाग मुकेश गहलोत, सहायक निदेशक, कृषि विभाग सुरेंद्र मारू, अधीक्षण अभियंता देवराज हटीला, कृषि अधिकारी, उद्यान विभाग रमेश भाम्भू सहित संबंधित संस्थानों के प्रभारी अधिकारी एवं वैज्ञानिक उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की समीक्षा बैठक आयोजित

