उज्ज्वला योजना लाभार्थियों को बड़ा झटका, सब्सिडी वाले गैस सिलेंडरों की संख्या घटाई
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को मिलने वाले सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या में कटौती करने का फैसला किया है।
नए प्रावधान के अनुसार अब लाभार्थियों को एक वर्ष में नौ की बजाय केवल चार सब्सिडी वाले सिलेंडर ही मिल सकेंगे। यह व्यवस्था 9 जून से लागू की गई है।
सरकार का कहना है कि यह निर्णय उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों द्वारा गैस की औसत वार्षिक खपत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार अधिकांश परिवार सालभर में सीमित संख्या में सिलेंडरों का उपयोग करते हैं, इसलिए सब्सिडी को उसी अनुरूप पुनर्गठित किया गया है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत वर्ष 2016 में गरीब परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। योजना के तहत पात्र परिवारों को एलपीजी कनेक्शन के साथ सब्सिडी का लाभ दिया जाता है।
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शुरुआत में लाभार्थियों को सालाना 12 सब्सिडी वाले सिलेंडर मिलते थे। बाद में यह संख्या घटाकर नौ कर दी गई थी और अब इसे चार कर दिया गया है।
सरकार ने मई 2022 में एलपीजी सिलेंडर पर 200 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी शुरू की थी, जिसे सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजा जाता था।
इसके बाद अक्टूबर 2023 में सब्सिडी बढ़ाकर 300 रुपये प्रति सिलेंडर कर दी गई थी। यह लाभ 14.2 किलोग्राम और 5 किलोग्राम दोनों श्रेणी के सिलेंडरों पर निर्धारित अनुपात में दिया जा रहा है।

एलपीजी की बढ़ती कीमतों के बीच सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या में की गई इस कटौती का असर करोड़ों उज्ज्वला लाभार्थियों पर पड़ सकता है। वहीं सरकार का दावा है कि यह फैसला वास्तविक उपभोग और सब्सिडी के प्रभावी प्रबंधन को ध्यान में रखकर लिया गया है।

