मकर संक्रांति पर रायसर के धोरों में गूंजा ‘बोई काट्या’, पहली बार पतंग उत्सव आयोजित

मकर संक्रांति पर रायसर के धोरों में गूंजा ‘बोई काट्या’, पहली बार पतंग उत्सव आयोजित

मकर संक्रांति पर रायसर के धोरों में गूंजा ‘बोई काट्या’, पहली बार पतंग उत्सव आयोजित

बीकानेर, (श्रेयांस बैद): मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर मकर सक्रांति के अवसर पर बुधवार को पहली बार रायसर के धोरों पर पतंग उत्सव आयोजित हुआ। इस दौरान पारंपरिक वेशभूषा में सजे-धजे रोबीले और महिलाएं तथा स्थानीय नागरिकों ने पतंगबाजी का जमकर लुत्फ उठाया।

कार्यक्रम में पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक अनिल राठौड़, कार्यक्रम प्रभारी और उपनिदेशक महेश व्यास, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी अनिल पंड्या सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर पहली बार सभी संभाग मुख्यालयों के अलावा जैसलमेर और माउंट आबू में पतंग उत्सव आयोजित किया गया।

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इसके तहत रायसर में कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम प्रभारी व्यास ने बताया कि इस दौरान बीकानेर का पारम्परिक ‘चंदा‘ भी उड़ाया गया। पतंगबाजों ने ‘आकासां में उडे म्हारो चंदो, लक्ष्मीनाथ म्हारी सहाय करे’ और ‘गवरा दादी पून दे, टाबरियां रो चंदो उडे’ की टेर के साथ पतंगबाजी की।

मकर संक्रांति पर रायसर के धोरों में गूंजा ‘बोई काट्या’, पहली बार पतंग उत्सव आयोजित

इस दौरान परिवहन विभाग की ओर से सड़क सुरक्षा का संदेश दिया गया। प्रादेशिक परिवहन अधिकारी ने सड़क सुरक्षा सप्ताह की जानकारी दी और कहा कि यातायात नियमों की पालना करते हुए दुर्घटना से बचा जा सकता है।

इस दौरान सहायक पर्यटन अधिकारी योगेश राय, लोक कलाकार अनिल बोड़ा, आर्यन जोशी, हिमांशु जोशी, आर्यन बीकानेरी, ज्योति स्वामी आदि मौजूद रहे।

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