हरियाणा के रेवाड़ी में फैली रहस्यमयी बीमारी:”ई-रिक्शाइटिस”
रेवाड़ी शहर में इन दिनों एक नई और बेहद खतरनाक बीमारी तेजी से फैल रही है। स्वास्थ्य विभाग के पास अभी तक इसका कोई इलाज नहीं है। विशेषज्ञों ने इस बीमारी का नाम “ई-रिक्शाइटिस” रखा है। यह बीमारी मुख्य रूप से कुछ ई-रिक्शा चालकों में पाई जाती है, हालांकि इसके लक्षण इतने अनोखे हैं कि वैज्ञानिक भी हैरान हैं।
इस बीमारी का पहला लक्षण है “कटमारू प्रवृत्ति“। रोगी को जैसे ही सड़क पर दो इंच की जगह दिखाई देती है, उसका दिमाग उसे चार लेन का एक्सप्रेस-वे समझ लेता है।
वह बिना किसी चेतावनी के उसी जगह से अपना वाहन घुसाने का प्रयास करता है। पीछे आने वाले वाहन चालक अचानक ब्रेक लगाते हैं और फिर भारतीय संस्कृति के अनुसार कुछ मधुर शब्दों का आदान-प्रदान होता है।
दूसरा प्रमुख लक्षण है “उल्टी दिशा सिंड्रोम“। इस रोग से पीड़ित व्यक्ति को सौ मीटर अतिरिक्त चलना अपनी शान के खिलाफ लगता है। परिणामस्वरूप वह सीधे गलत दिशा में वाहन मोड़ देता है। उसे अपनी नहीं, सामने से आने वाले लोगों की जान पर अधिक भरोसा होता है कि वे किसी न किसी तरह बच ही जाएंगे।
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तीसरा लक्षण है “सवारी लोभ विकार“। इस अवस्था में रोगी को अपने ई-रिक्शे की वास्तविक क्षमता दिखाई देना बंद हो जाती है। चार यात्रियों की जगह आठ और आठ की जगह बारह यात्री आराम से समा सकते हैं—यह विश्वास उसके मन में अपने आप उत्पन्न हो जाता है। न्यूटन के नियम, वाहन की क्षमता और यात्रियों की सुविधा जैसी बातें उसके लिए विदेशी षड्यंत्र से अधिक कुछ नहीं होतीं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बीमारी का सबसे खतरनाक चरण “अचानक मोड़ ज्वर” है। इसमें चालक बिना हाथ दिए, बिना इंडिकेटर जलाए और बिना पीछे देखे अचानक मुड़ जाता है। ऐसा प्रतीत होता है मानो उसके मन में यह दृढ़ विश्वास हो कि सड़क पर मौजूद बाकी सभी लोग उसके विचार पढ़ने की दिव्य शक्ति रखते हैं।
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शहरवासियों का कहना है कि यह बीमारी इतनी व्यापक हो चुकी है कि अब ट्रैफिक नियम खुद इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होने की सोच रहे हैं। सड़कें रोज प्रार्थना करती हैं कि कोई उन्हें भी थोड़ा सम्मान दे दे।
हालांकि यह स्पष्ट कर देना आवश्यक है कि शहर के सभी ई-रिक्शा चालक इस बीमारी से पीड़ित नहीं हैं। अनेक चालक नियमों का पालन करते हैं और जिम्मेदारी से वाहन चलाते हैं। लेकिन जो कुछ लोग इस “ई-रिक्शाइटिस” के शिकार हैं, उन्होंने पूरे शहर को एक चलती-फिरती एडवेंचर फिल्म का दर्शक बना रखा है।

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि आपको कोई ई-रिक्शा चालक अचानक गलत दिशा में आता, बिना संकेत के मुड़ता या हवा में से सड़क निकालता दिखाई दे, तो घबराएं नहीं। समझ जाइए कि आप “ई-रिक्शाइटिस” के एक पुराने मरीज के संपर्क में आ चुके हैं।


