बीकानेर में 24 अक्टूबर से जुटेंगे देश-विदेश के चर्म रोग विशेषज्ञ, आधुनिक एवं सस्ती चिकित्सा पद्धतियों पर होगा मंथन

बीकानेर में 24 अक्टूबर से जुटेंगे देश-विदेश के चर्म रोग विशेषज्ञ, आधुनिक एवं सस्ती चिकित्सा पद्धतियों पर होगा मंथन

बीकानेर में 24 अक्टूबर से जुटेंगे देश-विदेश के चर्म रोग विशेषज्ञ, आधुनिक एवं सस्ती चिकित्सा पद्धतियों पर होगा मंथन

दो दिवसीय सम्मेलन में करीब 450 विशेषज्ञ लेंगे भाग, 35 वैज्ञानिक सत्रों में रोग निदान, उपचार, नई औषधियों और शोध पर होगी चर्चा

बीकानेर (श्रेयांस बैद):भारतीय चर्म, रति एवं कुष्ठ रोग विशेषज्ञ संगठन का 47वां राज्य स्तरीय दो दिवसीय सम्मेलन 24 एवं 25 अक्टूबर 2026 को बीकानेर में आयोजित होगा। ‘त्वचा आरोग्य सेवा न्यास’ के संयोजकत्व में आयोजित होने वाला यह सम्मेलन जयपुर-जोधपुर बाईपास स्थित गणेशम रिसॉर्ट में होगा।

सम्मेलन में देश-विदेश के ख्यातनाम चर्म रोग विशेषज्ञ, वरिष्ठ चिकित्सक तथा स्नातकोत्तर विद्यार्थी भाग लेंगे। आयोजन में आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों, नई औषधियों के उपयोग, त्वचा रोगों के निदान एवं उपचार और आमजन को सस्ती व सुलभ चिकित्सा उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर वैज्ञानिक चर्चा की जाएगी।

आयोजन समिति के अनुसार सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे नवीनतम विकास, शोध और उपचार की आधुनिक तकनीकों को चिकित्सकों के बीच साझा करना है, ताकि इनका लाभ आमजन तक पहुंच सके।

सम्मेलन में विशेषज्ञ अपने लंबे चिकित्सकीय अनुभवों को साझा करने के साथ त्वचा, कुष्ठ एवं यौन रोगों से संबंधित विभिन्न समस्याओं के बेहतर निदान, प्रभावी उपचार और रोगों की रोकथाम के उपायों पर विचार-विमर्श करेंगे।

आधुनिक एवं सस्ती चिकित्सा पद्धतियों पर रहेगा विशेष जोर

आयोजन समिति के प्रमुख तथा प्रिंस बिजय सिंह जी मेमोरियल अस्पताल के अधीक्षक एवं चर्म रोग विभागाध्यक्ष डॉ. बी.सी. घीया ने बताया कि दो दिवसीय वैज्ञानिक सम्मेलन में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त विशेषज्ञ अपने अनुभवों और चिकित्सा क्षेत्र में हुए नवीनतम बदलावों की जानकारी देंगे।

सम्मेलन का प्रमुख ध्येय आमजन के हित में आधुनिक होने के साथ-साथ सस्ती और सुलभ चिकित्सा पद्धतियों को प्रोत्साहित करना है।

उन्होंने बताया कि त्वचा संबंधी रोगों के उपचार में लगातार नए अनुसंधान और तकनीकें सामने आ रही हैं। ऐसे में चिकित्सकों के लिए इन नवीनतम विधाओं से परिचित होना आवश्यक है, ताकि मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। सम्मेलन में चिकित्सा की प्रभावशीलता के साथ उसकी उपलब्धता और आमजन पर पड़ने वाले आर्थिक भार जैसे पहलुओं पर भी चर्चा होगी।

करीब 450 विशेषज्ञों की भागीदारी

सम्मेलन के आयोजन सचिव एवं वरिष्ठ चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. मोहित बंसल ने बताया कि इस दो दिवसीय आयोजन में लगभग 450 विशेषज्ञों के भाग लेने की संभावना है। सम्मेलन में नई औषधियों के प्रयोग, उनके लाभ एवं संभावित दुष्प्रभावों, उपचार की प्रभावशीलता और विभिन्न चिकित्सीय पद्धतियों के परिणामों पर विशेष चर्चा की जाएगी।

उन्होंने बताया कि चिकित्सा विज्ञान में नई औषधियों और उपचार तकनीकों का उपयोग करते समय उनके गुण-दोष, सुरक्षा और मरीजों को मिलने वाले लाभों का वैज्ञानिक मूल्यांकन आवश्यक है। इसी उद्देश्य से सम्मेलन में विशेषज्ञों को अपने अनुभव साझा करने तथा नवीनतम चिकित्सा अनुसंधान पर विचार-विमर्श करने का अवसर मिलेगा।

35 वैज्ञानिक सत्रों में होगा गहन विचार-विमर्श

सम्मेलन की साइंटिफिक चेयरपर्सन एवं वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. प्रसून सोनी ने बताया कि आयोजन के दौरान लगभग 35 वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें चर्म रोग, कुष्ठ रोग एवं यौन रोगों के अनुभवी चिकित्सक रोगों के निदान, उपचार और निवारण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

इन सत्रों में वरिष्ठ चिकित्सक अपने वर्षों के अनुभवों के आधार पर जटिल रोगों की पहचान, उपचार की उपयुक्त विधियों तथा बेहतर चिकित्सकीय परिणाम प्राप्त करने के उपायों पर विचार रखेंगे। साथ ही स्नातकोत्तर विद्यार्थी अपने शोध कार्यों को शोधपत्र वाचन और पोस्टर प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे।

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डॉ. सोनी के अनुसार, सम्मेलन युवा चिकित्सकों और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित होगा। उन्हें अनुभवी विशेषज्ञों के साथ सीधे संवाद करने, अपने शोध पर सुझाव प्राप्त करने और चिकित्सा क्षेत्र की नवीनतम जानकारियों से परिचित होने का अवसर मिलेगा।

इससे युवा चिकित्सकों की व्यावहारिक समझ विकसित करने और मरीजों के उपचार में बेहतर परिणाम प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

वीडियो लेक्चर के माध्यम से प्रशिक्षण की नई पहल

सम्मेलन में वैज्ञानिक चर्चाओं के साथ वीडियो लेक्चर के माध्यम से चिकित्सीय प्रशिक्षण को भी शामिल किया गया है। डॉ. प्रसून सोनी ने बताया कि यह आयोजन में शामिल एक महत्वपूर्ण नवाचार है। इसके माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सीय प्रक्रियाओं, उपचार की तकनीकों और विभिन्न चिकित्सा विधाओं को दृश्य माध्यम से समझ सकेंगे।

उन्होंने बताया कि विभिन्न परिचर्चा सत्रों में लगभग 150 वरिष्ठ विशेषज्ञ एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थी सक्रिय रूप से भाग लेकर गहन वैज्ञानिक विवेचन करेंगे। इन सत्रों में शोध परियोजनाओं के प्रबंधन, शोध की उपयोगिता, चिकित्सकीय अनुभवों के आदान-प्रदान तथा चिकित्सा क्षेत्र में बेहतर परिणाम प्राप्त करने के तरीकों पर भी चर्चा की जाएगी।

चिकित्सा शिक्षा और शोध को मिलेगा प्रोत्साहन

यह सम्मेलन चर्म, कुष्ठ एवं यौन रोगों के उपचार से जुड़े चिकित्सकों के लिए ज्ञान और अनुभव साझा करने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। वरिष्ठ विशेषज्ञों के अनुभव, युवा चिकित्सकों के शोध और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों पर होने वाला विमर्श चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार की दिशा में उपयोगी साबित हो सकता है।

आयोजन के माध्यम से चिकित्सा क्षेत्र में नवीनतम अनुसंधान को बढ़ावा देने, चिकित्सकों के बीच समन्वय स्थापित करने तथा आधुनिक उपचार पद्धतियों की जानकारी का विस्तार करने पर जोर रहेगा। साथ ही आमजन को बेहतर, प्रभावी, सस्ती और सुलभ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न विषयों पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण से विचार-विमर्श किया जाएगा।

बीकानेर में 24 अक्टूबर से जुटेंगे देश-विदेश के चर्म रोग विशेषज्ञ, आधुनिक एवं सस्ती चिकित्सा पद्धतियों पर होगा मंथन

बीकानेर में आयोजित होने वाला यह 47वां राज्य स्तरीय सम्मेलन चिकित्सा शिक्षा, शोध और अनुभवों के आदान-प्रदान की दृष्टि से महत्वपूर्ण आयोजन होगा। इसमें देश-विदेश के विशेषज्ञों की भागीदारी से चर्म, कुष्ठ एवं यौन रोगों के उपचार से जुड़े नवीनतम विषयों पर चर्चा के साथ चिकित्सा क्षेत्र में नई संभावनाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

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