राजस्थान: स्कूल में छात्राओं से अमानवीय व्यवहार, कपड़े उतरवाकर तलाशी लेने के आरोप में शिक्षिका निलंबित
सवाई माधोपुर: जिले के बामनवास उपखंड क्षेत्र स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, लिवाली में छात्राओं के साथ कथित रूप से अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित शिक्षिका को निलंबित कर दिया है।
घटना के विरोध में ग्रामीणों और अभिभावकों ने विद्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और मुख्य द्वार पर ताला लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
पैसे गायब होने पर छात्राओं पर जताया संदेह
जानकारी के अनुसार विद्यालय की एक वरिष्ठ अध्यापिका के करीब एक हजार रुपये गुम हो गए थे। आरोप है कि इसके बाद उन्होंने कक्षा 9वीं और 11वीं की छात्राओं पर संदेह जताते हुए उनकी तलाशी ली। परिजनों का आरोप है कि तलाशी के दौरान छात्राओं के कपड़े उतरवाए गए, जिससे वे मानसिक रूप से आहत हुईं।
घर पहुंचकर छात्राओं ने सुनाई आपबीती
डरी-सहमी छात्राओं ने घर पहुंचकर अपने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। मामला सामने आते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और अगले दिन बड़ी संख्या में अभिभावक विद्यालय पहुंच गए। उन्होंने विद्यालय में तालाबंदी कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
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सीबीईओ ने मौके पर पहुंचकर की जांच
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) प्रतिभा मीणा विद्यालय पहुंचीं। उन्होंने छात्राओं से अलग-अलग बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और मामले की विस्तृत रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी।
शिक्षिका निलंबित, एक अन्य कार्मिक को हटाया गया
रिपोर्ट के आधार पर भरतपुर मंडल के संयुक्त निदेशक दलवीर सिंह ने राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के तहत संबंधित वरिष्ठ अध्यापिका सरस्वती मीना को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय सीबीईओ कार्यालय, राजाखेड़ा (धौलपुर) निर्धारित किया गया है।
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इसके अलावा विद्यालय की व्यावसायिक शिक्षा प्रशिक्षक वंदना शर्मा को भी सेवा प्रदाता कंपनी के लिए कार्यमुक्त कर दिया गया है।
प्रधानाचार्य की भूमिका भी जांच के दायरे में
सीबीईओ ने बताया कि विद्यालय के संस्था प्रधान द्वारा मामले की समय पर सूचना उच्च अधिकारियों को नहीं दिए जाने और गंभीरता से नहीं लेने की बात सामने आई है। इसे देखते हुए उनके विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।

अन्य शिक्षकों पर भी लगे आरोप
अभिभावकों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद कुछ शिक्षकों ने छात्राओं को इस मामले की जानकारी बाहर नहीं देने के लिए डराने-धमकाने का प्रयास किया। उन्होंने सभी संबंधित कर्मचारियों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।


