रामदेवरा मेले में मिलावटखोरों पर खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा प्रहार
100 रुपये किलो में बिकने जा रहा 600 किलो संदिग्ध मावा मेले में पहुंचने से पहले पकड़ा, नमूने लेकर कराया नष्ट
दो अलग-अलग वाहनों से हो रही थी सप्लाई, एंट्री पॉइंट पर खाद्य सुरक्षा टीम ने रोका
जैसलमेर (श्रेयांस बैद):रामदेवरा मेले में श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने शनिवार शाम को बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 600 किलोग्राम संदिग्ध मावा मेले में पहुंचने से पहले ही पकड़ लिया। मावा दो अलग-अलग वाहनों के जरिए रामदेवरा मेले में सप्लाई के लिए लाया जा रहा था।

आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुरलीधर सोनी के निर्देशानुसार खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मेले के एंट्री पॉइंट पर दोनों वाहनों को रुकवाकर जांच की। जांच के दौरान वाहनों में भारी मात्रा में मावा मिला। पूछताछ में मावा करीब 100 रुपये प्रति किलो की दर से बेचा जाना बताया गया।
खाद्य सुरक्षा टीम ने मौके पर नियमानुसार मावे का नमूनीकरण किया। इसके बाद करीब 600 किलो मावे को मेले में सप्लाई होने से पहले ही नष्ट करवा दिया गया। नमूनों को जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजा जाएगा और रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई को खाद्य सुरक्षा अधिकारी किशनाराम कड़वासरा, कीर्तिपाल सिंह भाटी एवं गणेशाराम सुथार की टीम ने अंजाम दिया।
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खाद्य सुरक्षा टीम ने बताया कि रामदेवरा मेले में आने वाली खाद्य सामग्री पर विभाग की पैनी नजर है। केवल दुकानों ही नहीं, बल्कि मेले में खाद्य सामग्री पहुंचाने वाले वाहनों और सप्लाई चेन की भी निगरानी की जा रही है।

उन्होंने कहा कि “मिलावट कर मुनाफा कमाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाली खाद्य सामग्री को मेले तक पहुंचने से पहले ही रोका जाएगा और दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि रामदेवरा मेले में मिलावटखोरों के लिए कोई जगह नहीं है। विभाग की कार्रवाई और निगरानी लगातार जारी रहेगी।


