Dhananaok में आग से 18 भेड़-बकरी के बच्चे जिंदा जले, दो झोंपड़े-छपर राख; लाखों का अनाज व गहने भी जले

Dhananaok में आग से 18 भेड़-बकरी के बच्चे जिंदा जले, दो झोंपड़े-छपर राख; लाखों का अनाज व गहने भी जले
Dhananaok में आग से 18 भेड़-बकरी के बच्चे जिंदा जले, दो झोंपड़े-छपर राख; लाखों का अनाज व गहने भी जले

बीकानेर जिले के धरनोक गांव में सोमवार दोपहर एक भीषण आगजनी की घटना सामने आई, जिसमें दो कच्चे झोंपड़े, दो छपर और 18 भेड़-बकरी के छोटे बच्चे जलकर राख हो गए। आग से लाखों रुपए का अनाज, गहने और नकदी जल जाने से पीड़ित परिवार को लगभग 10 लाख रुपए का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। यह हादसा दोपहर करीब एक बजे हुआ।

पीड़ित दुर्ग सिंह पुत्र करणी सिंह राजपूत, निवासी धरनोक ने पांचू पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाते हुए बताया कि उनकी रिहायशी ढाणी, गांव से करीब 5 किलोमीटर उत्तर दिशा में खेत में स्थित है। घटना के समय दुर्ग सिंह और उनकी पत्नी खेत में काम कर रहे थे जबकि बच्चे स्कूल गए हुए थे।

दुर्ग सिंह के अनुसार, अचानक अज्ञात कारणों से झोंपड़े में आग लगी। तेज हवा की वजह से आग तेजी से फैलकर दूसरे झोंपड़े और दो छपरों तक पहुंच गई। आग बुझाने का कोई संसाधन न होने के कारण पूरा सामान चंद ही मिनटों में जलकर राख बन गया।

सुगम रेल यातायात हेतु पिलखुआ-डासना के मध्य Automatic सिगनलिंग कार्य

आग में नष्ट हुए सामान में शामिल है—

15 क्विंटल बाजरा

8 क्विंटल मोठ

10 क्विंटल ग्वार

8 क्विंटल गेहूं

सोने की ठूसी

तीन सोने की अंगूठियां

सोने की रखड़ी, चेन

चांदी की पायजेब की तीन जोड़ी

दो सोने की मूर्तियां, तीन सोने के फूलड़े, चार सोने के मोती

40,000 रुपए नकद, चारपाई, बिस्तर

Dhananaok में आग से 18 भेड़-बकरी के बच्चे जिंदा जले, दो झोंपड़े-छपर राख; लाखों का अनाज व गहने भी जले

18 भेड़-बकरी के बच्चे (लाइवस्टॉक)

स्थानीय ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक पूरा ढांचा जल चुका था। खेतों के बीच यह ढाणी होने के कारण मदद देर से पहुँची।

पीड़ित परिवार ने प्रशासन से आर्थिक सहायता और मुआवजे की मांग की है। पुलिस ने आग के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

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