जापान में भालुओं की बड़े पैमाने पर हो रही हत्या पर भारत सरकार से हस्तक्षेप की मांग
श्रेयांस बैद ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को भेजा पत्र।
नई दिल्ली/बीकानेर: जापान में मानव-भालू संघर्ष के चलते बड़ी संख्या में भालुओं को मारे जाने के मामले को लेकर भारतीय जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के मानद जीव-जंतु कल्याण प्रतिनिधि श्रेयांस बैद ने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव को पत्र भेजकर भारत सरकार से जापान सरकार के समक्ष राजनयिक स्तर पर हस्तक्षेप करने की मांग की है।
बैद ने पत्र में उल्लेख किया कि हालिया समाचार रिपोर्टों के अनुसार जापान में अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच 14 हजार से अधिक भालुओं को मारे जाने की बात सामने आई है। दैनिक भास्कर में 29 अगस्त 2026 को प्रकाशित समाचार का हवाला देते हुए उन्होंने इस स्थिति पर गंभीर चिंता जताई।
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उन्होंने कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, लेकिन मानव-वन्यजीव संघर्ष का समाधान बड़े पैमाने पर वन्यजीवों की हत्या के बजाय वैज्ञानिक, मानवीय और दीर्घकालीन उपायों के माध्यम से किया जाना चाहिए।
भालू वन पारिस्थितिकी तंत्र के महत्वपूर्ण घटक हैं और उनका संरक्षण वैश्विक जैव विविधता के लिए भी आवश्यक है।
पत्र में जापान सरकार से कैमरा ट्रैप एवं GPS आधारित निगरानी, वैज्ञानिक जनसंख्या आकलन, सुरक्षित पकड़कर स्थानांतरण, ट्रैंक्विलाइजेशन आधारित रेस्क्यू, कचरा एवं खाद्य स्रोतों का वैज्ञानिक प्रबंधन, चेतावनी प्रणाली, ड्रोन तकनीक तथा स्थानीय समुदायों के प्रशिक्षण जैसे गैर-घातक उपायों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया गया है।
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श्रेयांस बैद ने भारत सरकार से विदेश मंत्रालय के माध्यम से जापान सरकार को औपचारिक राजनयिक अनुरोध भेजने तथा दोनों देशों के बीच मानव-वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन एवं वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में तकनीकी और वैज्ञानिक सहयोग बढ़ाने की पहल करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति “अहिंसा परमो धर्मः”, संविधान के अनुच्छेद 48A एवं 51A(g) तथा “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना वन्यजीवों के प्रति करुणा और संरक्षण का संदेश देती है। ऐसे में जहां संभव हो, वन्यजीवों को बचाने के लिए मानवीय विकल्पों को बढ़ावा देना आवश्यक है।

पत्र की प्रतिलिपि केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल, विदेश मंत्री, पर्यावरण मंत्रालय के सचिव, विदेश मंत्रालय के सचिव तथा भारतीय जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के सदस्य सचिव को भी भेजी गई है।

