श्रीझूलेलाल चालीसा महोत्सव के 23वें दिन भक्ति और संस्कृति का दिखा अद्भुत संगम

श्रीझूलेलाल चालीसा महोत्सव के 23वें दिन भक्ति और संस्कृति का दिखा अद्भुत संगम

श्रीझूलेलाल चालीसा महोत्सव के 23वें दिन भक्ति और संस्कृति का दिखा अद्भुत संगम

श्रीडूंगरगढ़ बीकानेर ‌(तोलाराम मारू): श्रीझूलेलाल जी चालीसा महोत्सव के 23वें दिन श्रीझूलेलालजी मंदिर में भक्ति, संस्कृति, संगीत और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला।

झूलेलाल भजन संध्या, झूलेलाल माला एवं चालीसा पाठ के बाद आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। देर रात करीब 10:30 बजे तक मंदिर परिसर भक्ति, संगीत और तालियों की गूंज से सराबोर रहा।

कार्यक्रम के दौरान मीनाक्षी मोरवानी के नेतृत्व में विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां उत्साह और उमंग के साथ संपन्न हुईं। वहीं मीना बोधिजा ने शानदार एंकरिंग करते हुए पूरे कार्यक्रम को आकर्षक अंदाज में आगे बढ़ाया और अपनी प्रस्तुति से समां बांध दिया।

डांडिया प्रस्तुति ने बटोरी खूब तालियां

सांस्कृतिक कार्यक्रम के पहले ग्रुप में सागर भावनानी के निर्देशन में सिंधी समाज की महिलाओं ने शानदार डांडिया प्रस्तुति दी। नीशा लालवानी, परिधि मोरवानी, भारती, नीशा, अंजली, सोनिया, सपना, शिल्पा, जावीका एवं कोमल सहित महिलाओं ने एक जैसे आकर्षक परिधानों में डांडिया की मनमोहक प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं की खूब तालियां बटोरीं। पूरी प्रस्तुति के दौरान मंदिर परिसर का माहौल उत्साह और उमंग से भर गया।

मानवी थावानी के डांस ने जीता श्रद्धालुओं का दिल

दूसरे ग्रुप में पिंकी थावानी की बेटी मानवी थावानी ने शानदार नृत्य प्रस्तुति देकर उपस्थित श्रद्धालुओं का दिल जीत लिया। उनकी आकर्षक प्रस्तुति पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं। कार्यक्रम के दौरान मानवी को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार भी प्रदान किए गए।


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भूमि गुरनाणी के भजनों से भक्तिमय हुआ माहौल

तीसरे ग्रुप में भूमि गुरनाणी ने मधुर स्वर में झूलेलालजी के भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों की मधुर गूंज से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया और श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए।

आरती, पल्लव और भोग के बाद भजनों पर झूमे श्रद्धालु

सांस्कृतिक कार्यक्रम के समापन के बाद झूलेलालजी की आरती संपन्न हुई। झूलेलाल चंवर की सेवा मयंक गुरनाणी ने निभाई। इसके बाद पल्लव एवं भोग की रस्म संपन्न कराई गई।

श्रीडूंगरगढ़ के विद्यालयों में गुरुवंदन कार्यक्रम का आयोजन

इसके पश्चात संत कंवरराम मंडली के निखिल रिझवानी ने अपनी मधुर आवाज में झूलेलालजी के भजनों की शानदार प्रस्तुति दी। उनके साथ कृष्णा गुरनाणी ने ढोलक पर प्रभावी संगत दी। भजनों की धुन पर श्रद्धालु गाते, झूमते और नृत्य करते नजर आए। इससे मंदिर परिसर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।

प्रसाद वितरण के साथ हुआ आयोजन का समापन

कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। चालीसा महोत्सव का 23वां दिन भक्ति, संस्कृति, संगीत और सामाजिक एकता की खूबसूरत मिसाल बनकर सामने आया। श्रद्धालुओं ने पूरे कार्यक्रम का आनंद लेते हुए आयोजन की जमकर सराहना की।

सिंधी समाज के अध्यक्ष श्रवण कुमार गुरनाणी एवं मंत्री अशोक बासवानी ने बताया कि समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया और चालीसा महोत्सव को धूमधाम एवं श्रद्धाभाव के साथ मनाया।

श्रीझूलेलाल चालीसा महोत्सव के 23वें दिन भक्ति और संस्कृति का दिखा अद्भुत संगम

सिंधी समाज के युवा मीडिया प्रभारी रवि रिझवानी ने बताया कि महोत्सव के दौरान आयोजित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

श्रीझूलेलाल चालीसा महोत्सव के 23वें दिन भक्ति और संस्कृति का दिखा अद्भुत संगम

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