उपभोक्ता अधिकारों की मजबूती के लिए विश्वसनीयता, प्रमाणन एवं मान्यता आवश्यक : डॉ. अनंत शर्मा
जयपुर (श्रेयांस बैद):कंज्यूमर कंफेडरेशन ऑफ इंडिया (CCI) की ओर से “उपभोक्ता कार्यकर्ताओं/सलाहकारों की विश्वसनीयता, प्रमाणन एवं मान्यता का महत्व” विषय पर राष्ट्रीय स्तर का सम्मेलन शुक्रवार को राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री हॉल, एम.आई. रोड, जयपुर में आयोजित किया गया।
सम्मेलन में उपभोक्ता संरक्षण एवं भारतीय उपभोक्ता आंदोलन के वर्तमान परिदृश्य, भविष्य की कार्ययोजना तथा उपभोक्ता कार्यकर्ताओं के प्रमाणन एवं मान्यता सहित विभिन्न विषयों पर मंथन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता कंज्यूमर मैन डॉ. अनंत शर्मा ने कहा कि देश में उपभोक्ता अधिकारों के संरक्षण को प्रभावी बनाने के लिए उपभोक्ता कार्यकर्ताओं एवं सलाहकारों की विश्वसनीयता, पारदर्शिता, प्रमाणन एवं मान्यता को संस्थागत स्वरूप दिया जाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि जागरूक और प्रशिक्षित उपभोक्ता कार्यकर्ता आमजन को उनके अधिकारों के प्रति सजग करने के साथ-साथ उपभोक्ता संरक्षण व्यवस्था को जमीनी स्तर पर सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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सम्मेलन में राजस्थान, गुजरात, पंजाब, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश सहित अनेक राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
विभिन्न तकनीकी सत्रों में भारत में उपभोक्ता संरक्षण की वर्तमान स्थिति, भारतीय उपभोक्ता आंदोलन की भविष्य की रूपरेखा, उपभोक्ता कार्यकर्ताओं की विश्वसनीयता एवं प्रमाणन, CCI की राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा एवं फेलोशिप तथा आगामी कार्यक्रमों एवं योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
सम्मेलन में देशभर से आए प्रतिनिधियों ने उपभोक्ता हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए तथा सशक्त, जागरूक एवं उत्तरदायी उपभोक्ता आंदोलन के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। सम्मेलन के दौरान CCI की आगामी कार्ययोजनाओं को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।
उपभोक्ता संगठन को वैचारिक आधार देने पर जोर
संगठनात्मक सत्र में उपभोक्ता क्षेत्र में बढ़ती चुनौतियों, फर्जी एवं नकली सलाहकारों की समस्या तथा उपभोक्ता कार्यकर्ताओं की विश्वसनीयता को लेकर भी गंभीरता से चर्चा की गई।
वक्ताओं ने कहा कि केवल संगठन का विस्तार ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि कार्यकर्ताओं के लिए स्पष्ट वैचारिक आधार, आचार-पद्धति, प्रशिक्षण एवं प्रमाणन भी आवश्यक है।
सम्मेलन में यह विचार सामने आया कि CCI ने उपभोक्ता हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर कार्य करते हुए संगठन को सिर्फ एक पहचान देने तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे उपभोक्ता अधिकारों, जागरूकता और संरक्षण के लिए एक वैचारिक संगठन के रूप में विकसित करने का प्रयास किया है।
नकली सलाहकारों एवं अप्रमाणित गतिविधियों से उत्पन्न चुनौतियों के बीच प्रमाणित और जिम्मेदार उपभोक्ता कार्यकर्ताओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रीति पंडिया, कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. एम. सेल्वराज,

राष्ट्रीय कार्डिनेटर कैलाश कुमावत, मुकेश वैष्णव,सुरेश के. व्यास, हरीबाबू, शिल्पा रेड्डी, भूप सिंह पाल (आगरा), भावना साहनी, राजस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष रमेश ओझा, तथा CCI राजस्थान के प्रदेश सचिव श्रेयांस बैद सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।मंच संयोजन दीक्षिता पापड़ीवाल ने किया।


