जैसलमेर के ऊंट पालक सुमेर सिंह भाटी को चरागाह संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय सम्मान
जैसलमेर (श्रेयांस बैद):राजस्थान के जैसलमेर जिले के ऊंट पालक सुमेर सिंह भाटी ने अपने समर्पण और सामुदायिक प्रयासों से यह साबित कर दिया कि बदलाव लाने के लिए बड़े पद की नहीं, बल्कि बड़े संकल्प की आवश्यकता होती है।
वर्षों से वे रेगिस्तान के सिकुड़ते चरागाहों को बचाने और पशुपालक समुदाय की आजीविका सुरक्षित रखने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।
चरागाहों के लगातार घटने से ऊंट पालन सहित पशुपालन संकट में आने लगा था। ऐसे समय में सुमेर सिंह भाटी ने स्थानीय समुदाय के सहयोग से चरागाहों के संरक्षण और पुनर्जीवन का अभियान शुरू किया।
उनके प्रयासों से 10,000 हेक्टेयर से अधिक घास के मैदान पुनर्जीवित हुए, जिनसे आज 50,000 से अधिक ऊंट, गाय, भेड़ और बकरियों को चारा उपलब्ध हो रहा है।
इस पहल से न केवल पशुपालकों की आजीविका को मजबूती मिली है, बल्कि रेगिस्तान की जैव विविधता, पारंपरिक चरागाहों और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण को भी नया जीवन मिला है।
हर घर तिरंगा अभियानः प्रभात फेरी से होगी शुरूआत, 9 से 17 तक होंगे विभिन्न कार्यक्रम
चरागाह संरक्षण एवं पुनर्स्थापन (Rangeland Restoration) के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सुमेर सिंह भाटी को अंतरराष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान उन व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने चरागाहों के संरक्षण, पुनर्जीवन और पशुपालक समुदायों के जीवन एवं आजीविका को सुदृढ़ बनाने में उत्कृष्ट कार्य किया हो। यह पहल संयुक्त राष्ट्र के International Year of Rangelands and Pastoralists (IYRP 2026) से जुड़े वैश्विक प्रयासों का हिस्सा है।
सुमेर सिंह भाटी की उपलब्धि न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। उनका कार्य यह संदेश देता है कि प्रकृति का संरक्षण, सतत पशुपालन और सामुदायिक सहभागिता ही भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित पर्यावरण और मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आधारशिला है।


