होटल-रेस्टोरेंट कारोबार पर बढ़ा आर्थिक बोझ: राजस्थान सरकार ने बढ़ाई लाइसेंस फीस
राजस्थान सरकार ने होटल, रेस्टोरेंट, कैफे, स्वीट शॉप और फूड कारोबार से जुड़े संस्थानों की वार्षिक लाइसेंस फीस में बड़ा बदलाव किया है। स्वायत्त शासन विभाग, जयपुर द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रदेश के नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिकाओं में संचालित कई व्यवसायों के लिए नई फीस दरें लागू कर दी गई हैं। आदेश 25 मई 2026 को जारी किया गया।
नई दरों के अनुसार अब बड़े होटल, लग्जरी सुविधाओं वाले रिसॉर्ट, एसी रेस्टोरेंट और क्लाउड किचन संचालकों को पहले की तुलना में अधिक शुल्क देना होगा। सरकार ने होटल श्रेणी को कमरों और सुविधाओं के आधार पर अलग-अलग वर्गों में बांटा है।
होटलों के लिए नई फीस
50 कमरों तक के होटल के लिए नगर निगम क्षेत्र में 25 हजार रुपए वार्षिक फीस तय की गई।
51 से 100 कमरों तक के होटल के लिए 50 हजार रुपए शुल्क रहेगा।
स्विमिंग पूल, जिम और स्पा जैसी लग्जरी सुविधाओं वाले बड़े होटलों के लिए फीस 75 हजार से लेकर डेढ़ लाख रुपए तक निर्धारित की गई है।
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रेस्टोरेंट और फूड कारोबार भी प्रभावित
नॉन एसी रेस्टोरेंट (100 चेयर तक) के लिए 7500 रुपए तक फीस तय।
एसी रेस्टोरेंट के लिए यह शुल्क 20 हजार से 30 हजार रुपए तक रहेगा।
कैफे, मिठाई की दुकान, बेकरी और कन्फेक्शनरी पर भी 3 से 5 हजार रुपए तक वार्षिक शुल्क लागू किया गया है।
क्लाउड किचन और पैक्ड फूड वेयरहाउस को भी लाइसेंस दायरे में शामिल किया गया है।
छोटे कारोबारियों में चिंता
नई फीस व्यवस्था को लेकर छोटे व्यापारियों और होटल संचालकों में चिंता बढ़ गई है। कारोबारियों का कहना है कि पहले से ही बिजली, गैस सिलेंडर, खाद्य तेल और कर्मचारियों के खर्च बढ़ चुके हैं, ऐसे में लाइसेंस फीस में बढ़ोतरी से अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।

सरकार का तर्क
विभागीय आदेश में कहा गया है कि राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धाराओं के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए यह संशोधन किया गया है। सरकार का कहना है कि बदलते शहरी ढांचे और व्यवसायिक गतिविधियों को देखते हुए फीस संरचना को अपडेट किया गया है।

