सांख्यिकी और आईटी के समन्वय से बढ़ी आंकड़ों की शुद्धता और उपयोगिता : जिला कलक्टर निशान्त जैन

सांख्यिकी और आईटी के समन्वय से बढ़ी आंकड़ों की शुद्धता और उपयोगिता : जिला कलक्टर निशान्त जैन

सांख्यिकी और आईटी के समन्वय से बढ़ी आंकड़ों की शुद्धता और उपयोगिता : जिला कलक्टर निशान्त जैन

बीसवें सांख्यिकी दिवस का जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित

बीकानेर (श्रेयांस बैद):जिला कलक्टर निशान्त जैन ने कहा कि सांख्यिकी और सूचना प्रौद्योगिकी के समन्वय से सांख्यिकीय आंकड़ों के संकलन, विश्लेषण और उपयोग में तीव्रता तथा शुद्धता आई है। आज के आईटी युग में आंकड़ों का महत्व लगातार बढ़ रहा है और योजनाओं एवं विकास कार्यक्रमों के प्रभावी निर्धारण तथा मूल्यांकन में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

जिला कलक्टर सोमवार को राजस्थान पशु विज्ञान एवं पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय के फैकल्टी हाउस सभागार में आयोजित 20वें जिला स्तरीय सांख्यिकी दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रो. पी.सी. महालनोबिस ने सांख्यिकी को वैज्ञानिक आधार प्रदान किया और उनकी अवधारणाओं ने विश्व स्तर पर सांख्यिकी के क्षेत्र में नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि सटीक आंकड़े सुशासन और प्रभावी नीति निर्माण की आधारशिला हैं।


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प्रारम्भिक शिक्षा निदेशालय के निदेशक (सांख्यिकी) लड्डूलाल पहाड़िया ने कहा कि विश्वसनीय सांख्यिकीय आंकड़े किसी भी सरकार की योजनाओं की सफलता का आधार होते हैं। उन्होंने कहा कि बदलते समय में डेटा की गुणवत्ता और समयबद्ध उपलब्धता पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।

आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के संयुक्त निदेशक धर्मपाल सिंह खींचड़ ने विभाग की गतिविधियों एवं उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि विभाग आधुनिक तकनीक के माध्यम से आंकड़ों के संकलन और विश्लेषण को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने सांख्यिकी दिवस की थीम के अनुरूप प्रशासनिक आंकड़ों के बेहतर उपयोग पर भी जोर दिया।

मुख्य आयोजना अधिकारी अमर सिंह चांदोलिया ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि सांख्यिकी दिवस का उद्देश्य आमजन और विभिन्न विभागों में सांख्यिकी के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि प्रशासनिक आंकड़ों के समुचित उपयोग से योजनाओं की प्रभावशीलता और पारदर्शिता बढ़ाई जा सकती है।

विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष जोर, सभी कार्यालयों में ई-फाइलिंग शत-प्रतिशत लागू करने के निर्देश

इस अवसर पर पांचू के ब्लॉक सांख्यिकी अधिकारी श्री संदीप कुमार ने इस वर्ष की थीम ‘अनलॉकिंग द पोटेंशियल ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव डाटा’ तथा महावीर प्रसाद ओझा ने जीवनांक सांख्यिकी विषय पर विस्तृत जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान जिला कलक्टर ने आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा प्रकाशित ‘बीकानेर जिला : एक दृष्टि-2026’ पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि जिले के महत्वपूर्ण आंकड़ों एवं तथ्यों का संकलन करने वाली यह पुस्तक प्रशासन, शोधार्थियों तथा आमजन के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।

सांख्यिकी और आईटी के समन्वय से बढ़ी आंकड़ों की शुद्धता और उपयोगिता : जिला कलक्टर निशान्त जैन

कार्यक्रम का संचालन सेवानिवृत्त सांख्यिकी अधिकारी बलविंद्र सिंह चुघ ने किया। इस अवसर पर आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की सहायक निदेशक ममता बिश्नोई, पूर्व संयुक्त निदेशक रमेश कुमार व्यास, उपनिदेशक सुभाष चौधरी, अखिला जोरा, सांख्यिकी अधिकारी छगना राम मेघवाल, बृज भूषण व्यास, जुगल किशोर जोशी, सहायक प्रोग्रामर भरत सोलंकी सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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