श्रीडूंगरगढ़ के प्रवासी इन्द्रचंद सोनी ने बेटी की विदाई पर पेड़-पौधे देकर पेश की पर्यावरण संरक्षण की मिसाल
श्री डूंगरगढ़,कालूबास (तोलाराम मारू): बोथरा कुए के पास रहने वाले पर्यावरण प्रेमी श्री मान इन्द्र चन्द सोनी पुत्र रामेश्वर लाल सोनी ने भारत भूटान सीमा, बंगाल की धरती जयगांव में दिन रात बढ़ती हुई भूमंडलीय उष्णता को ध्यान में रखते हुए अपनी पुत्री अंजना को विवाह पश्चात विदाई के समय पेड़ पौधे देकर एक बहुत सराहनीय प्रेरणादाई कार्य किया है

और दामाद ( डॉ रोहित गट्टाणी ) पुत्र राजकुमार गट्टाणी को जब इसके बारे में पुछा गया तो प्रसन्न होकर कहा कि यही समय की मांग है, इसके दूरगामी परिणाम निकलेंगे और बहुत ही अच्छी पहल है ।
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पर्यावरण प्रेमी इन्द्र चद सोनी ने बताया कि ये पौधे है गूंदी, लेसवा, खेजड़ी और बैजन्ती का पौधा जिसमें मनके लगते है जिसकी माला भगवान् श्री कृष्ण को सबसे प्रिय है और राजस्थान में होने वाले गूंदी और लेसवा जैसे पेड़ पौधों को इन्होंने भूटान में भी लगाएं है और इनका कहना है कि पेड़ पौधे हमारे घर के सदस्यों की तरह होते हैं जो परमार्थ करना सीखाते है और बदले में कुछ नहीं लेते।

उल्लेखनीय है कि इन्द्र चद जी सोनी पहले भी जयगाव भूटान से कल्प वृक्ष/पारीजात वृक्ष लेकर आये तथा गौ शाला में लगाये गये। शादी समारोह में पेड पोधे देकर न ई मिशाल पेश की है।

