ब्रज नगरी बनी श्रीकृष्ण गौशाला, ग्रामीणों के सहयोग से मिली अलग पहचान

ब्रज नगरी बनी श्रीकृष्ण गौशाला, ग्रामीणों के सहयोग से मिली अलग पहचान

देशवाल गांव की श्रीकृष्ण गौशाला ने अपनी सुंदरता और व्यवस्थाओं से आसपास क्षेत्र में अलग पहचान बना ली है। ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास से गौशाला को इतना आकर्षक रूप दिया गया है कि देखने वाला हर व्यक्ति दंग रह जाता है।

अंदर गायों के लिए ट्यूबवेल, वर्षा जल संग्रहण हेतु तलैया, पक्षियों के लिए 65 फीट ऊंचा दाना-पानी स्थल तथा आंधी-तूफान से बचाव के लिए छोटे-छोटे घोंसले बनाए गए हैं।

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गौशाला परिसर में सुंदर गार्डन विकसित कर विभिन्न पौधे लगाए गए हैं। बाहर सड़क किनारे जाली लगाकर हरियाली की सजावट की गई है। दीवारों पर रंगीले राजस्थान, बाड़मेर-जैसलमेर की झलक, ऊंट-घोड़े, गाय-पक्षियों के जल पीते दृश्य सहित आकर्षक चित्र उकेरे गए हैं।

मुख्य द्वार के अंदर श्रीकृष्ण मंदिर बनाया गया है, जहां भगवान श्रीकृष्ण बांसुरी बजाते हुए ग्वाला स्वरूप में विराजमान हैं। प्रवेश द्वार पर राहगीरों के लिए प्याऊ व यात्रियों के विश्राम हेतु टीनशेड के साथ बैठने की व्यवस्था भी की गई है।

गौशाला की व्यवस्थाओं को संभालने में समाजसेवी

रिपोर्टर – मनोहर अडिचवाल

ब्रज नगरी बनी श्रीकृष्ण गौशाला, ग्रामीणों के सहयोग से मिली अलग पहचान

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