उर्वरक की जमाखोरी, कालाबाजारी, डायवर्जन और टैगिंग पर रोक लगाने के निर्देश
कृषि विभाग के जिला प्रभारी ने अधिकारियों के साथ बैठक में उर्वरक वितरण व्यवस्था की समीक्षा की
बीकानेर (श्रेयांस बैद): कृषि विभाग के जिला प्रभारी एवं संयुक्त निदेशक, कृषि (प्रबोधन एवं मूल्यांकन) भगवान सहाय यादव ने गुरुवार को कृषि एवं उद्यानिकी विभाग, कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) के अधिकारियों, उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधियों तथा थोक उर्वरक विक्रेताओं की बैठक में जिले में उर्वरक वितरण व्यवस्था की समीक्षा की।
बैठक में यादव ने जिले में उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी, डायवर्जन तथा टैगिंग जैसी अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को उर्वरक वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी रखने तथा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया।
यादव ने प्रत्येक उर्वरक विक्रेता के प्रतिष्ठान का नियमित निरीक्षण करने तथा उर्वरकों के नमूने लेने के लिए भी अधिकारियों को पाबंद किया।
उन्होंने कहा कि उर्वरक वितरण में पारदर्शिता बनाए रखते हुए किसानों को निर्धारित नियमानुसार उर्वरक उपलब्ध करवाना सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
बैठक में संयुक्त निदेशक मदन लाल, उद्यानिकी उप निदेशक प्रेमाराम, सहायक निदेशक मुख्यालय सुरेंद्र मारू, रघुवर दयाल सुथार, राजूराम डोगीवाल, रुबीना परवीन, मीनाक्षी शर्मा, कृषि अधिकारी गिरिराज, सोमेश तंवर, कविता गुप्ता, मीनाक्षी पंवार, रामन्ना, जोधराज एवं श्री धनाराम बैरड़ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर उर्वरक कंपनी प्रतिनिधि मनीराम जाखड़ एवं सुमित शर्मा तथा आदान विक्रेता इंद्र तिवाड़ी, निर्मल जैन, सुनील राठी एवं महिपाल चौधरी सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।
उर्वरक की जमाखोरी, कालाबाजारी, डायवर्जन और टैगिंग पर रोक लगाने के निर्देश

