मदरसा फैजाने कादरी के बच्चों ने बिखेरी प्रतिभा की रोशनी
33 बच्चों ने दीं शानदार शैक्षणिक एवं दीनी प्रस्तुतियां, तालीम के महत्व पर दिया संदेश
बीकानेर (श्रेयांस बैद):क़ादरी कॉलोनी में कादरी वेलफेयर सोसाइटी के माध्यम से संचालित मदरसा फैजाने कादरी के बच्चों का विशेष कार्यक्रम उत्साह और उमंग के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मदरसे के 33 बच्चों ने विभिन्न शैक्षणिक एवं दीनी प्रस्तुतियां देकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
बच्चों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ मंच पर अपनी प्रस्तुतियां पेश कीं, जिसे देखकर मौजूद अभिभावकों एवं स्थानीय लोगों ने तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम में बच्चों ने अपनी शिक्षा, ज्ञान एवं दीनी जानकारी से संबंधित विभिन्न प्रस्तुतियां प्रस्तुत कीं। कम उम्र में बच्चों द्वारा पूरे आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन उपस्थित लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को अपनी प्रतिभा निखारने के साथ-साथ शिक्षा के प्रति जागरूक करने का संदेश भी दिया गया।
नात-ए-पाक ने बांधा समां
बच्चों की शानदार प्रस्तुतियों के बाद हाफिज व कारी नौशाद अहमद कादरी ने नात-ए-पाक पेश की। उनकी प्रस्तुति ने कार्यक्रम में आध्यात्मिक वातावरण बना दिया। उपस्थित लोगों ने श्रद्धा एवं सम्मान के साथ नात-ए-पाक सुनी।
बच्चों की तालीम पर दें विशेष ध्यान
कार्यक्रम में बाहर से तशरीफ लाए हजरत अल्लामा मौलाना सैयद हातिम शाह साहब ने बच्चों की शिक्षा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की तालीम को प्राथमिकता दें तथा उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए हरसंभव अवसर उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि बच्चों का भविष्य शिक्षा से ही बेहतर बनाया जा सकता है और समाज की तरक्की के लिए नई पीढ़ी को ज्ञान एवं शिक्षा से जोड़ना बेहद जरूरी है।
इस्लामी तालीम के साथ दुनियावी शिक्षा भी जरूरी : मौलाना सलीम रज़वी
कार्यक्रम हजरत मौलाना मोहम्मद सलीम रज़वी साहब, इमाम हैदरी मस्जिद, बीकानेर की निगरानी में आयोजित हुआ। मौलाना सलीम रज़वी साहब लंबे समय से बच्चों की तालीम को लेकर समाज में जागरूकता की अलख जगाने का प्रयास कर रहे हैं।
उनका मानना है कि बच्चों को इस्लामी तालीम के साथ-साथ दुनियावी और आधुनिक शिक्षा से भी जोड़ना समय की महत्वपूर्ण जरूरत है, ताकि वे आगे चलकर अपनी योग्यता और हुनर के अनुरूप रोजगार एवं रोजी-रोटी के बेहतर अवसर हासिल कर सकें।
उनकी सोच के अनुसार तालीम का मकसद केवल रोजगार हासिल करना ही नहीं, बल्कि इंसान की सोच को रोशन करना, उसे समझदार, जिम्मेदार और व्यावहारिक बनाना भी है। शिक्षा व्यक्ति को अपने जीवन के फैसले बेहतर ढंग से लेने, समाज को समझने और अपने परिवार एवं समाज के प्रति जिम्मेदार भूमिका निभाने की क्षमता प्रदान करती है।
इसी सोच के साथ वे बच्चों को ऐसी शिक्षा दिलाने पर जोर देते हैं, जिसमें दीन की समझ के साथ दुनिया की जरूरतों और भविष्य की चुनौतियों का ज्ञान भी शामिल हो।
👉 यहां क्लिक करें
मौलाना सलीम रज़वी साहब का प्रयास है कि समाज के बच्चे तालीम के क्षेत्र में पीछे न रहें और उनमें धार्मिक मूल्यों के साथ आधुनिक शिक्षा, हुनर एवं आत्मनिर्भरता की भावना भी विकसित हो। उनका मानना है कि शिक्षित और हुनरमंद पीढ़ी ही अपने परिवार, समाज और देश के विकास में बेहतर योगदान दे सकती है।
मौलाना अकबर आलम एवं मौलाना आरिफ रज़ा सहित अनेक लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर हजरत अल्लामा मौलाना अकबर आलम साहब अशरफी एवं हजरत मौलाना आरिफ रज़ा साहब सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। उपस्थित अतिथियों ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना की और उन्हें आगे भी इसी प्रकार मेहनत एवं लगन के साथ शिक्षा हासिल करने के लिए प्रेरित किया।
वक्ताओं ने कहा कि बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ना भी आवश्यक है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास पैदा करने के साथ उनकी प्रतिभा को सामने लाने का बेहतर माध्यम हैं।
अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने बढ़ाया बच्चों का हौसला
जैन साहित्य संगम संस्थान का तीसरा राष्ट्रीय अधिवेशन व जैन कवि सम्मेलन
कार्यक्रम में बच्चों के अभिभावकों के साथ क़ादरी कॉलोनी एवं आसपास के क्षेत्र के स्थानीय लोगों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों की प्रस्तुतियों के दौरान अभिभावकों में खासा उत्साह देखने को मिला। उपस्थित लोगों ने बच्चों की मेहनत और उनकी प्रस्तुतियों की जमकर सराहना की तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अब्दुल रशीद की मेहनत और मशक्कत की सराहना
कार्यक्रम को सफल बनाने में क़ादरी वेलफेयर सोसाइटी से जुड़े पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मकातिब एवं मदरसे के संचालन में सहयोग करने वाले जनाब अब्दुल रशीद साहब की मेहनत और मशक्कत को भी विशेष रूप से सराहा गया। उन्होंने कार्यक्रम की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के दौरान यह संदेश भी सामने आया कि बच्चों की बेहतर शिक्षा केवल व्यक्तिगत विकास का माध्यम नहीं, बल्कि पूरे समाज के भविष्य को मजबूत बनाने का आधार है। दीनी मूल्यों, आधुनिक शिक्षा, हुनर और व्यावहारिक ज्ञान का संतुलन बच्चों को एक बेहतर और जिम्मेदार इंसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम के समापन पर बच्चों की मेहनत एवं शानदार प्रस्तुतियों की सराहना की गई और उनके उज्ज्वल भविष्य की दुआ की गई। उपस्थित अभिभावकों एवं स्थानीय लोगों ने मदरसा फैजाने कादरी और क़ादरी वेलफेयर सोसाइटी द्वारा बच्चों की शिक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।


