पानी में घुलता नमक कितना खतरनाक? घर की टंकी साफ की तो तल में जमा मिला 10 किलो से ज्यादा नमक
मोमासर: पीने के पानी की गुणवत्ता को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मोमासर निवासी बजरंगलाल सोनी के घर में पानी की टंकी की सफाई के दौरान टंकी के तल में 10 किलो से अधिक नमक जैसा पदार्थ जमा हुआ मिला। टंकी की सफाई के दौरान इतनी बड़ी मात्रा में नमक निकलने की बात सामने आने के बाद परिवार भी हैरान रह गया।
बताया गया कि लंबे समय से घर में उपयोग हो रही पानी की टंकी की सफाई करवाई गई थी। जब टंकी का पानी खाली कर तल की गहराई से जमा गाद और परत को हटाया गया तो वहां बड़ी मात्रा में सफेद नमक जैसा पदार्थ जमा मिला। सफाई के दौरान निकली मात्रा 10 किलो से अधिक बताई जा रही है।

पानी में घुलता रहा तो कितना नुकसान?
पानी में मौजूद नमक यानी सोडियम की अधिक मात्रा स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय हो सकती है। शरीर को सोडियम की आवश्यकता होती है, लेकिन अत्यधिक सोडियम का सेवन ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है, जिससे लंबे समय में हृदय और स्ट्रोक संबंधी जोखिम बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार यदि पानी में घुले हुए खनिज या नमक की मात्रा सामान्य से काफी अधिक हो तो केवल पानी का स्वाद बदलना ही चिंता का विषय नहीं है, बल्कि लगातार ऐसे पानी का सेवन करने से स्वास्थ्य पर असर पड़ने की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
खासतौर पर जिन लोगों को पहले से उच्च रक्तचाप या किडनी संबंधी समस्या है, उनके लिए सोडियम की मात्रा पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
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सिर्फ देखकर नहीं, पानी की जांच जरूरी
टंकी के तल में जमा पदार्थ को देखकर यह निश्चित नहीं कहा जा सकता कि वह पूरा नमक ही है या उसमें अन्य खनिज एवं तलछट भी शामिल हैं। इसकी वास्तविक प्रकृति और पानी में घुले सोडियम की मात्रा जानने के लिए पानी की लैब जांच कराना जरूरी है।
पानी की जांच में TDS, कुल घुले हुए पदार्थ, हार्डनेस, क्लोराइड, सोडियम सहित अन्य मानकों की जांच करवाई जा सकती है। इससे यह पता चल सकेगा कि घर में इस्तेमाल हो रहा पानी पीने के लिए किस स्तर तक उपयुक्त है।
हर घर के लिए सबक
मोमासर में सामने आया यह मामला लोगों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश है। घरों में पानी की टंकियों की नियमित सफाई करवाना जरूरी है। लंबे समय तक टंकी की सफाई नहीं होने पर तल में मिट्टी, गाद, खनिज और अन्य पदार्थों की परत जमा हो सकती है।

परिवार को यदि पानी के स्वाद में बदलाव, अत्यधिक खारापन, सफेद परत जमना या बर्तन एवं टंकी में असामान्य जमाव दिखाई दे तो पानी की जांच करवानी चाहिए। केवल पानी को देखकर उसकी गुणवत्ता का अंदाजा लगाना पर्याप्त नहीं है।
मोमासर के बजरंगलाल सोनी के घर की टंकी से 10 किलो से अधिक नमक जैसा पदार्थ निकलने की घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि हम जिस पानी को रोजाना पी रहे हैं, उसकी वास्तविक गुणवत्ता कितनी सुरक्षित है। ऐसे मामलों में पानी की वैज्ञानिक जांच ही सही स्थिति सामने ला सकती है।

