प्रेक्षाध्यान से तनावमुक्ति और संतुलित जीवन संभव : साध्वीश्री कंचनप्रभाजी
मुंबई : तेरापंथ धर्मसंघ के अधिशास्ता परम पूज्य आचार्य श्री महाश्रमणजी की प्रबुद्ध सुशिष्या शासनश्री साध्वीश्री कंचनप्रभाजी, शासनश्री साध्वीश्री मंजुरेखाजी आदि ठाणा-5 के सान्निध्य में प्रेक्षाध्यान कार्यशाला का शुभारंभ हुआ।
महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल के विशाल प्रांगण में आयोजित प्रेक्षाध्यान कार्यशाला का प्रारंभ साध्वीवृंद द्वारा महामंत्रोच्चार, तेरापंथ महिला मंडल द्वारा मंगलाचरण एवं प्रेक्षागीत के संगान से हुआ।
प्रशिक्षिका श्रीमती ममता नाहटा ने प्रेक्षाध्यान के विभिन्न प्रयोगों के माध्यम से विशाल धर्मसभा को प्रेक्षामय बना दिया। शासनश्री साध्वीश्री कंचनप्रभाजी ने कहा कि प्रेक्षाध्यान के माध्यम से तनावमुक्ति संभव है। उपभोक्तावादी संस्कृति ने जनमानस की चेतना को प्रभावित किया है।
आज किसी को किसी की परवाह नहीं है। ऐसे वातावरण में पारिवारिक जीवनशैली में सौहार्द एवं आत्मीयता की जागृति के लिए प्रेक्षाध्यान के प्रयोग आवश्यक हैं। इसके प्रयोगों के माध्यम से व्यक्ति आत्मस्थ एवं तटस्थ बन सकता है।
रक्षाबंधन कार्यशाला : आत्मरक्षा, संस्कार एवं त्याग की प्रेरणादायी प्रस्तुति
शासनश्री साध्वीश्री मंजुरेखाजी ने कहा कि जीवन में संतुलन की अहम भूमिका है। संतुलित जीवन के माध्यम से व्यक्ति हर परिस्थिति में खुशहाल रह सकता है।
ध्यान के माध्यम से हमारे ऋषि-मुनियों ने भारतीय संस्कृति में आध्यात्मिक चेतना को प्राण-प्रतिष्ठित किया है। इसी कारण आज भी अध्यात्म सुरक्षित एवं जीवंत है।
इस अवसर पर साध्वीश्री उदितप्रभाजी, साध्वीश्री निर्भयप्रभाजी एवं साध्वीश्री चेलनाश्रीजी की उपस्थिति रही। मेहक ओस्तवाल, दृषि कच्छारा, कोमल सुराणा, आर्यन निंबजा, सौमिक कच्छारा एवं हेम दोषी ने कव्वाली के माध्यम से सुंदर प्रस्तुति दी। कन्या मंडल एवं किशोर मंडल ने भी आकर्षक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम में तेरापंथ महिला मंडल दक्षिण मुंबई की अध्यक्षा लतिका डागलिया, दक्षिण मुंबई सभा के मंत्री पवन बोलिया, उपाध्यक्ष दिनेश धाकड़, आचार्य महाप्रज्ञ विद्यानिधि फाउंडेशन के कार्याध्यक्ष गणपत डागलिया एवं मंत्री लक्ष्मीलाल डागलिया उपस्थित रहें। कार्यक्रम का संयोजन पुष्पा कच्छारा ने किया। यह जानकारी सभा के उपाध्यक्ष नितेश धाकड़ ने दी।
प्रेक्षाध्यान से तनावमुक्ति और संतुलित जीवन संभव : साध्वीश्री कंचनप्रभाजी

