जैन संस्कार विधि से रक्षाबंधन कार्यशाला : दक्षिण मुंबई
मुंबई: अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के निर्देशन में तेरापंथ युवक परिषद, दक्षिण मुंबई द्वारा जैन संस्कार विधि के माध्यम से रक्षाबंधन कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला शासन श्री साध्वी श्री कंचनप्रभाजी, शासन श्री साध्वी श्री मंजुरेखाजी एवं साध्वीवृंद के पावन सान्निध्य में संपन्न हुई। इस अवसर पर ज्ञानशाला के ज्ञानार्थी एवं प्रशिक्षिकाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ संस्कारक श्री अशोक बरलोटा द्वारा नमस्कार महामंत्र के सामूहिक उच्चारण से किया गया।
जैन संस्कार विधि के अनुरूप समुचित मंत्रोच्चार एवं मंगल भावों के साथ बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर भाई-बहन के पवित्र स्नेह एवं पारस्परिक प्रेम को अभिव्यक्त किया।
भाइयों ने भी अपनी बहनों को स्नेह एवं शुभकामनाओं के प्रतीक स्वरूप चॉकलेट भेंट की।
इस अवसर पर परिषद मंत्री श्रेयांश मुनोत की बहन पूजा सुराणा ने अपने भाई को राखी बांधकर इस पावन पर्व की आत्मीयता को और भी विशेष बना दिया। कार्यक्रम में प्रशिक्षिका सौरभ बरमेचा को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं भी प्रेषित की गईं।
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कार्यशाला के दौरान ज्ञानार्थियों ने विभिन्न प्रत्याख्यान ग्रहण कर संस्कार एवं आत्मानुशासन का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में तेयुप दक्षिण मुंबई अध्यक्ष सुमित सुराणा ने अपने प्रेरणादायी वक्तव्य में जैन संस्कार विधि की उपयोगिता बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन केवल परंपराओं को निभाने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि उनमें संस्कार, स्नेह, संयम और पारिवारिक मूल्यों का सुंदर समन्वय होता है।
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कार्यक्रम के अंत में रौनक धाकड़ ने सभी उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। मंगल पाठ के साथ कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हुआ।
रक्षाबंधन का यह आयोजन भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम के साथ-साथ संस्कार, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देने वाला रहा। जैन संस्कार विधि के माध्यम से मनाया गया यह पर्व उपस्थित सभी ज्ञानार्थियों एवं परिवारजनों के लिए एक सुंदर, मंगलमय और यादगार अनुभव बना।

यह जानकारी तेरापंथ युवक परिषद दक्षिण मुंबई उपाध्यक्ष दर्शन डागलिया ने दी।


