उप जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग, सीएमएचओ को भेजा पत्र
लूणकरणसर: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तालुका लूणकरणसर में ड्यूटी के दौरान स्थानीय निवासियों एवं मरीजों द्वारा उप जिला अस्पताल की चिकित्सा सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं से संबंधित विभिन्न समस्याओं से अवगत करवाया गया।
इन समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकार मित्र एवं पैनल सदस्य श्रेयांस बैद ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बीकानेर को पत्र भेजा है। पत्र की प्रतिलिपि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बीकानेर के सचिव को भी भेजी गई है।
पत्र में बताया गया कि अस्पताल की एक्स-रे मशीन का ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण एक्स-रे की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है तथा मरीजों को स्पष्ट जांच रिपोर्ट प्राप्त करने में परेशानी हो रही है। ट्रांसफार्मर की शीघ्र मरम्मत अथवा आवश्यकतानुसार प्रतिस्थापन की मांग की गई है।
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वहीं चिकित्सक क्वार्टर नंबर 2 एवं 3 के सीवरेज व्यवस्था से नहीं जुड़े होने का मामला भी सामने आया। पत्र में बताया गया कि चिकित्सक क्वार्टरों की लगभग सात वर्षों से समुचित मरम्मत नहीं होने के कारण बरसात के दौरान पानी टपकने तथा सीलन की समस्या बनी हुई है। साथ ही पुरानी विद्युत वायरिंग के नवीनीकरण की आवश्यकता भी जताई गई है।
प्रसूति एवं जनाना वार्ड के वॉशरूम की बदहाल स्थिति को लेकर भी चिंता जताई गई। पत्र के अनुसार वॉशरूम में फ्लश एवं कमोड क्षतिग्रस्त हैं तथा पानी की उपलब्धता की समस्या बनी हुई है। इससे प्रसूता महिलाओं एवं महिला मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वॉशरूम की तत्काल मरम्मत, आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था तथा नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
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इसके अलावा अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन एवं सोनोलॉजिस्ट की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से गर्भवती महिलाओं एवं प्रसूताओं को जांच के लिए अन्यत्र जाना पड़ रहा है। अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन उपलब्ध करवाने तथा सोनोलॉजिस्ट की नियमित सेवा सुनिश्चित करने की मांग की गई।
पत्र में अस्पताल में गायनेकोलॉजिस्ट (स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ) की नियुक्ति की आवश्यकता भी जताई गई है। महिलाओं के स्त्री-रोग संबंधी ऑपरेशन एवं सिजेरियन प्रसव की समुचित सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण गंभीर परिस्थितियों में मरीजों को अन्य अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है।

श्रेयांस बैद ने कहा कि उक्त समस्याएं आमजन, विशेषकर महिलाओं एवं प्रसूताओं के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से सीधे जुड़ी हैं। उन्होंने संबंधित चिकित्सा अधिकारियों से समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र समाधान करवाने की मांग की है।


