रंगमंच संस्था रूबरू द्वारा प्रस्तुत संगीतमय नाटक “रिश्तों का सत्याग्रह” का सफल मंचन

रंगमंच संस्था रूबरू द्वारा प्रस्तुत संगीतमय नाटक "रिश्तों का सत्याग्रह" का सफल मंचन

रंगमंच संस्था रूबरू द्वारा प्रस्तुत संगीतमय नाटक “रिश्तों का सत्याग्रह” का सफल मंचन

नई दिल्ली: मंडी हाउस स्थित ब्लैंक कैनवस, एलटीजी सभागार में रंगमंच संस्था रूबरू द्वारा प्रस्तुत संगीतमय नाटक “रिश्तों का सत्याग्रह” का सफल मंचन हुआ। इस संवेदनशील नाट्यकृति का लेखन एवं निर्देशन काजल सूरी ने किया।

नाटक ने महात्मा गांधी और कस्तूरबा गांधी के जीवन, उनके संघर्ष, मानवीय मूल्यों तथा पारिवारिक संबंधों की जटिलताओं को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से मंच पर साकार किया।

“रिश्तों का सत्याग्रह” महात्मा गांधी और कस्तूरबा गांधी के जीवन पर आधारित एक आत्मिक संवाद है, जिसमें मृत्यु के पश्चात दोनों अपने जीवन की महत्वपूर्ण स्मृतियों को याद करते हैं।

फ्लैशबैक शैली में प्रस्तुत यह नाटक दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के विरुद्ध गांधीजी के संघर्ष से लेकर सत्याग्रह, अहिंसा, स्वदेशी आंदोलन, दांडी यात्रा, स्वतंत्रता संग्राम तथा सामाजिक सुधारों की प्रेरणादायी यात्रा को जीवंत करता है।


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नाटक में कस्तूरबा गांधी के त्याग, साहस और गांधीजी के जीवन में उनके अमूल्य योगदान को अत्यंत संवेदनशीलता और गरिमा के साथ प्रस्तुत किया गया है। यह प्रस्तुति दर्शाती है कि राष्ट्रपिता के व्यक्तित्व के पीछे कस्तूरबा जैसी दृढ़ और सहृदय जीवनसंगिनी का कितना महत्वपूर्ण योगदान था।

प्रस्तुति का सबसे भावनात्मक और प्रभावशाली पक्ष गांधीजी और उनके पुत्र हरिलाल गांधी के रिश्ते का चित्रण रहा। एक ओर गांधीजी पूरे देश के लिए स्वराज और आदर्शों की लड़ाई लड़ते हैं, वहीं दूसरी ओर हरिलाल अपने पिता के स्नेह, स्वीकार्यता और व्यक्तिगत जीवन की आकांक्षाओं के बीच निरंतर संघर्ष करता दिखाई देता है।

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यह द्वंद्व दर्शकों को यह सोचने पर विवश करता है कि महान राष्ट्रीय दायित्वों के साथ व्यक्तिगत संबंधों को संतुलित रखना कितना चुनौतीपूर्ण होता है।

लेखिका एवं निर्देशक काजल सूरी की सशक्त अवधारणा, प्रभावशाली निर्देशन, संगीत, संवाद और कलाकारों के सजीव अभिनय ने दर्शकों को पूरे समय भावनात्मक रूप से बाँधे रखा। प्रस्तुति के समापन पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा और दर्शकों ने नाटक की विषयवस्तु तथा प्रस्तुति की मुक्तकंठ से सराहना की।

रंगमंच संस्था रूबरू द्वारा प्रस्तुत संगीतमय नाटक "रिश्तों का सत्याग्रह" का सफल मंचन

“रिश्तों का सत्याग्रह” केवल इतिहास का पुनर्पाठ नहीं, बल्कि सत्य, अहिंसा, प्रेम, सेवा और मानवता जैसे शाश्वत मूल्यों को आज के समाज से जोड़ने का एक सशक्त रंगमंचीय प्रयास है, जो दर्शकों को आत्ममंथन, संवेदनशीलता और सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में प्रेरित करता है।

रंगमंच संस्था रूबरू द्वारा प्रस्तुत संगीतमय नाटक “रिश्तों का सत्याग्रह” का सफल मंचन

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