गायत्री मंत्र से आत्मबल की प्राप्ति : डॉ. सोनाली सक्सेना
लूणकरणसर (श्रेयांस बैद): गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर शीतला माता मंदिर प्रांगण में आयोजित पंचकुण्डीय गायत्री महायज्ञ में कस्बे सहित आसपास के क्षेत्रों से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने श्रद्धा एवं उत्साह के साथ भाग लिया। यज्ञ, मंत्रोच्चार एवं आध्यात्मिक वातावरण से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा।
इस अवसर पर नारी चेतना आंदोलन के अंतर्गत अखिल विश्व गायत्री परिवार की महिला संयोजक डॉ. सोनाली सक्सेना ने स्थानीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए आत्मबल सबसे बड़ी शक्ति है।
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उन्होंने बताया कि गायत्री मंत्र के नियमित जप एवं भगवान सूर्य के ध्यान से व्यक्ति में आत्मविश्वास, सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक एकाग्रता और आत्मबल का विकास होता है, जिससे वह जीवन की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर सकता है।
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यज्ञाचार्य जगजीत सिंह ने यज्ञ के आध्यात्मिक, वैज्ञानिक एवं सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यज्ञ से वातावरण शुद्ध होने के साथ-साथ व्यक्ति के विचारों एवं जीवन में भी सकारात्मक परिवर्तन आता है।

कार्यक्रम के अंत में मंदिर के पुजारी राजेश सक्सेना ने सभी श्रद्धालुओं, अतिथियों एवं आयोजन में सहयोग करने वाले कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा, विद्यार्थी एवं गायत्री परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।


