जीवन की अंतिम विदाई बनी किसी की नई सुबह, तारादेवी जैन का नेत्रदान

जीवन की अंतिम विदाई बनी किसी की नई सुबह, तारादेवी जैन का नेत्रदान

जीवन की अंतिम विदाई बनी किसी की नई सुबह, तारादेवी जैन का नेत्रदान

तेयुप अध्यक्ष विक्रम मालू व समाजसेवी हनुमान दुगड़ की प्रेरणा एवं नेत्रदान प्रभारी अशोक झाबक की तत्परता से मध्यरात्रि में संपन्न हुआ नेत्रदान

श्रीडूंगरगढ़:स्वर्गीय तारादेवी जैन, धर्मपत्नी श्री मांगीलाल जैन (खटेड़) के 18 जुलाई 2026 को स्वर्गवास के उपरांत उनके परिवारजनों ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए नेत्रदान का पुण्य निर्णय लिया। मध्यरात्रि में संपन्न यह नेत्रदान मानवता, करुणा और परोपकार का प्रेरणादायी उदाहरण बन गया।

स्वर्गीय तारादेवी जैन के नेत्र अब किसी दृष्टिहीन व्यक्ति के जीवन में नई रोशनी, नई आशा और नई दृष्टि का संचार करेंगे। यह कार्य समाज के लिए अनुकरणीय प्रेरणा है।


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स्वर्गवास के पश्चात परिवारजनों ने बिना किसी विलंब के नेत्रदान की सहमति प्रदान की। इस निर्णय में पुत्र विद्युत जैन, पुत्रवधू विजयश्री जैन, रिश्तेदार प्रकाश मालू सहित समस्त परिवारजनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनका यह निर्णय सेवा, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व का श्रेष्ठ उदाहरण है।

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नेत्रदान का संग्रह प्राणनाथ हॉस्पिटल, सरदारशहर की टीम के भंवरलाल प्रजापत एवं दिनेश शर्मा द्वारा किया गया।

इस अवसर पर राजकुमार झाबक, नवरंग स्वामी, बनवारीलाल मारू, कन्हैयालाल स्वामी, प्रकाश नाई, दक्ष मालू, रसना जैन सहित समाज के अनेक लोगो व परिवारजन उपस्थित रहे तथा इस पुण्य कार्य की अनुमोदना की।

जीवन की अंतिम विदाई बनी किसी की नई सुबह, तारादेवी जैन का नेत्रदान

तेरापंथ युवक परिषद श्रीडूंगरगढ़ ने समाज से भावपूर्ण अपील करते हुए कहा कि मरणोपरांत नेत्रदान किसी दृष्टिहीन के जीवन में नई रोशनी लाने का सबसे बड़ा मानवीय उपहार है। नेत्रदान संबंधी जानकारी एवं सहयोग के लिए 9636288181 पर संपर्क किया जा सकता है।

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