पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण जनभागीदारी से ही संभव: श्रेयांस बैद

पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण जनभागीदारी से ही संभव: श्रेयांस बैद

बीकानेर: महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, अर्जुनसर में पर्यावरण संरक्षण, विधिक जागरूकता एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार किया गया।

कार्यक्रम में प्राधिकरण के पैनल सदस्य अधिकार मित्र श्रेयांस बैद ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण तथा सामाजिक एवं विधिक जागरूकता का संदेश दिया।

बैद ने कहा कि बढ़ते पर्यावरणीय संकट एवं प्रदूषण की गंभीर होती स्थिति को देखते हुए पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार होने के साथ-साथ उसका संवैधानिक दायित्व भी है।

पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण जनभागीदारी से ही संभव: श्रेयांस बैद

भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड के मानद प्रतिनिधि बैद ने अनियंत्रित औद्योगिकीकरण, प्लास्टिक का अत्यधिक उपयोग, जल स्रोतों का प्रदूषण, वनों की कटाई तथा बढ़ते ध्वनि प्रदूषण के कारण पर्यावरणीय संतुलन लगातार प्रभावित हो रहा है, जिसका प्रतिकूल प्रभाव मानव जीवन, पशु-पक्षियों, वन्यजीवों एवं जैव विविधता पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

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उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 48(क) के अनुसार राज्य का दायित्व है कि वह पर्यावरण, वन एवं वन्यजीवों की रक्षा एवं संवर्धन करे, जबकि अनुच्छेद 51(क)(ग) प्रत्येक नागरिक को प्राकृतिक पर्यावरण के संरक्षण तथा समस्त जीव-जंतुओं के प्रति करुणा रखने का मूल कर्तव्य प्रदान करता है।

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इसके अतिरिक्त पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 सहित विभिन्न विधिक प्रावधान पर्यावरण संरक्षण को सुदृढ़ आधार प्रदान करते हैं।

इस अवसर पर विद्यालय परिसर में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों द्वारा सामूहिक वृक्षारोपण भी किया गया तथा पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को नशा मुक्ति, पॉक्सो अधिनियम, पोश अधिनियम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, साइबर अपराधों से बचाव तथा 18 जुलाई को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण जनभागीदारी से ही संभव: श्रेयांस बैद

बैद ने आमजन से अधिकाधिक वृक्षारोपण करने, जल संरक्षण अपनाने, प्लास्टिक के उपयोग को न्यूनतम करने, स्वच्छता बनाए रखने तथा पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि जनभागीदारी, सामाजिक जागरूकता एवं सामूहिक उत्तरदायित्व से ही संभव है। प्रत्येक नागरिक यदि अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे पर्यावरण हितैषी कदम अपनाए, तो स्वच्छ, हरित एवं प्रदूषण-मुक्त भारत के निर्माण का लक्ष्य सहज ही प्राप्त किया जा सकता है।

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कार्यक्रम में विद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाचार्य राजू दास स्वामी, वरिष्ठ अध्यापक विनोद जी स्वामी, अध्यापक अरविंद, अमित, रतन, सुरेंद्र, कृष्ण, महेश एवं रोहित, तथा अध्यापिकाएँ राजवीर एवं रेखा सहित विद्यालय परिवार एवं समस्त शिक्षाकर्मी उपस्थित रहे।

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