पत्नी ने किडनी देकर बचाई शिक्षक पति की जान, पेश की समर्पण और मानवता की मिसाल
नागौर: जिले के देशवाल गांव की एक महिला ने अपने पति को किडनी दान कर न केवल उनका जीवन बचाया, बल्कि पति-पत्नी के रिश्ते में विश्वास, त्याग और समर्पण की अनूठी मिसाल भी पेश की है। सरकारी विद्यालय में कार्यरत शिक्षक ओमप्रकाश खुडखड़िया की दोनों किडनियां खराब हो गई थीं, जिसके चलते उनका लंबे समय से इलाज चल रहा था।
परिवार पर संकट के इस दौर में शिक्षक के पिता देवाराम खुडखड़िया, जो पेशे से किसान हैं, ने स्वयं किडनी देने की इच्छा जताई। उन्होंने डॉक्टरों से कहा कि यदि उनकी किडनी बेटे के काम आ जाए तो वे देने को तैयार हैं।
लेकिन जयपुर के बड़े अस्पताल में डॉक्टरों ने अधिक उम्र होने के कारण उनकी किडनी को ट्रांसप्लांट के लिए उपयुक्त नहीं माना। इससे परिवार चिंता में पड़ गया।
इसी दौरान ओमप्रकाश की पत्नी सुमित्रा देवी ने हिम्मत दिखाते हुए पति को अपनी किडनी देने का फैसला लिया। जांच में उनकी किडनी मैच हो गई और सफल ट्रांसप्लांट के बाद शिक्षक ओमप्रकाश को नया जीवन मिल गया।
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परिवार के अनुसार दंपती की बेटी प्रियंका चौधरी विद्युत विभाग में जूनियर इंजीनियर (जेईएन) हैं, जबकि दामाद कमलेश निम्बड़ भी विद्युत विभाग में जेईएन के पद पर कार्यरत हैं। दोनों ने जयपुर में रहकर इलाज के दौरान पूरा सहयोग किया। वहीं उनका पुत्र जयपुर में रहकर आरएएस परीक्षा की तैयारी कर रहा है।
शिक्षक ओमप्रकाश ने भावुक होकर कहा कि उनकी पत्नी उनके लिए फरिश्ता बनकर आई हैं। उन्होंने कहा कि “मेरी पत्नी ने मुझे नया जीवन दिया है। उनके त्याग और साहस के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं।”
वहीं सुमित्रा देवी ने कहा कि पत्नी का धर्म है कि वह हर परिस्थिति में अपने पति के साथ खड़ी रहे। उन्होंने कहा कि पति की सेवा करना उनका कर्तव्य है और उन्हें खुशी है कि उनके पति अब स्वस्थ हैं।

सफल ऑपरेशन के बाद दोनों पति-पत्नी स्वस्थ हैं। क्षेत्र में इस घटना की खूब चर्चा हो रही है और लोग सुमित्रा देवी के साहस, त्याग और समर्पण की सराहना कर रहे हैं।
पत्नी ने किडनी देकर बचाई शिक्षक पति की जान, पेश की समर्पण और मानवता की मिसाल


