राष्ट्रीय आयुर्वेद में फार्मेसी शुरू जयपुर में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान द्वारा
पंचकूला में 14 नए पीजी कोर्स में 70 सीटों की मंजूरी; जयपुर में पहली बार बी.फार्मा (आयुर्वेद) कोर्स शुरू
जयपुर (श्रेयांस बैद):राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान मानद विश्वविद्यालय जयपुर (NIA) को पंचकूला (हरियाणा) स्थित ऑफ-कैंपस में इसी सत्र से आयुर्वेद के 14 नए पोस्ट ग्रेजुएशन (पीजी) कोर्स शुरू करने के लिए भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग से 70 सीटों की अनुमति मिली है।

वहीं, जयपुर स्थित राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में पहली बार बैचलर ऑफ फार्मेसी (आयुर्वेद) यानी बी.फार्मा कोर्स शुरू किया गया है, जिसमें 20 सीटों पर एडमिशन दिया जाएगा।
रचना शरीर से लेकर कौमारभृत्य पढ़ाया जाएगा
नए कॉलेज में आयुर्वेद संहिता एवं सिद्धांत, रचना शरीर, क्रिया शरीर, द्रव्यगुण विज्ञान, रसशास्त्र एवं भैषज्य कल्पना, रोग निदान एवं विकृति विज्ञान, अगद तंत्र, स्वस्थ वृत्त एवं योग, कौमारभृत्य (बाल रोग), कायचिकित्सा, पंचकर्म, स्त्री रोग एवं प्रसूति तंत्र, शल्य तंत्र तथा शालाक्य तंत्र शामिल हैं।
गरबा और दीपदान के जरिए मतदाताओं को किया जागरूक
राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, पंचकूला में पहले से ही बीएएमएस पाठ्यक्रम की 100 सीटों पर आयुर्वेद की शिक्षा प्रदान की जा रही है।
बी.फार्मा में एडमिशन एंट्रेंस से होगा
राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान जयपुर कैंपस में पहली बार शुरू हो रहे चार वर्षीय बैचलर ऑफ फार्मेसी (आयुर्वेद) कोर्स में प्रथम वर्ष में 20 सीटें निर्धारित की गई हैं। कोर्स में एडमिशन संस्थान द्वारा आयोजित वस्तुनिष्ठ लिखित प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होगा। कोर्स में शिक्षण का माध्यम हिंदी और अंग्रेजी रहेगा।

“संस्थान का जयपुर से पंचकूला तक शैक्षणिक विस्तार आयुर्वेद शिक्षा के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पंचकूला परिसर में 14 नए पीजी कोर्स के लिए 70 सीटों की स्वीकृति से आयुर्वेद के विभिन्न विशेषज्ञता क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे।”ये प्रो. संजीव शर्मा, कुलपति एनआईए ने प्रदान की।

